डिलीवरी के बाद सता रहा है कमर दर्द तो इन घरेलू नुस्खों को आजमाएं
महिलाओं को गर्भावस्था के नौ महीने ही नहीं बल्कि डिलीवरी के बाद भी कई स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करती हैं जिनमें से एक कमर दर्द भी है।
delivery ke bad kamar dard ke upay
प्रेगनेंसी के दौरान ही नहीं बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को कमर दर्द सताता है। डिलीवरी के बाद कई कारणों से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। इसकी वजह से महिलाओं को अपने नवजात शिशु की देखभाल और अन्य काम करने में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
प्रसव के बाद कमर दर्द से छुटकारा पाने के आप घरेलू नुस्खे और घरेलू तरीके इस्तेमाल कर सकती हैं। यहां हम आपको डिलीवरी के बाद कमर दर्द दूर करने के घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं।
डिलीवरी के बाद कमर दर्द कब तक रहता है
आमतौर पर डिलीवरी के बाद 6 महीने के अंदर कमर दर्द चला जाता है। इतने समय में रिलैक्सिन हार्मोन का स्तर सामान्य हो सकता है और शरीर अपनी सामान्य अवस्था में आ जाता है। मांसपेशियों के टोन, जोड़ों के टाइट और शरीर के दोबारा मजबूत होने पर कमर दर्द चला जाता है।
हालांकि, कुछ मामलों में मां के ज्यादा भारी शारीरिक काम करने की वजह से 12 महीने तक दर्द रह सकता है। महिलाओं को इतने लंबे समय तक दर्द सहने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे कमर दर्द के घरेलू इलाज अपनाकर इस दर्द से छुटकारा पा सकती हैं।
पीठ दर्द, दस्त और उल्टी भी कोरोना के लक्षण! डरा रहे Covid-19 के नए रूप
अगर आपकी कमर में तेज दर्द है, पेट में दर्द है, पैर की पिंडलियों में दर्द है या रैश पड़ गए हैं तो ये भी कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं। मुंबई की सीनियर डॉक्टर जलील पारकर पिछले दिनों कोरोना वायरस के मरीजों को देख रहे थे। उन्होंने करीब 200 मरीजों का इलाज किया। बाद में वह खुद कोरोना पॉजिटिव आए। जलील बताते हैं कि उन्होंने जिस लक्षण को सबसे पहले महसूस किया वह पीठ दर्द ही था।
कोरोना वायरस के अबतक वैसे 9 लक्षण बताए गए हैं। अब अमेरिकन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) ने इसमें तीन नए लक्षण भी जोड़े हैं। इसमें बहती नाक, जी मचलाना या उल्टी आना और दस्त शामिल हैं।
कोरोना वायरस के इससे पहले तक सिर्फ 9 लक्षण बताए गए थे। इसमें बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, थकान, बॉडी पेन, सिर दर्द, स्वाद या गंध का एहसास ना होना, गले में खराश शामिल थे।
डॉक्टर बताते हैं कि इन दिनों उन्होंने ऐसे-ऐसे मरीज देखें हैं जिनको पहले कभी डायबिटीज नहीं थी लेकिन अब उनका शुगर लेवल 400 पार है। डॉक्टर कहते हैं कि कोरोना मरीज में शुगर लेवल तेजी से ऊपर चला जाता है।
कमर दर्द के घरेलू उपाय
दिन में थोड़ी-थोड़ी देर में कमर की तेल से मालिश करें। मालिश से शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियों में दर्द से राहत मिलती है।
कमर दर्द से राहत पाने के लिए गर्म या ठंडी सिकाई भी कर सकती हैं। गर्म या ठंडा वॉग्र बैग कमर के ऊपर लगाने से दर्द से आराम मिलेगा।
आप दर्द निवारक ऑइंटमेंट भी कमर पर लगा सकती हैं। इससे तुरंत आराम मिलेगा।
डिलीवरी के बाद कमर दर्द कैसे ठीक करें
डिलीवरी के बाद शिशु को लंबे समय तक गोद में उठाने से कूल्हों पर दबाव पड़ता है इसलिए ऐसा करने से बचें। हाई हील के फुटवियर न पहनें।
डिलीवरी के तुरंत बाद कोई शारीरिक गतिविध न करें। नौ महीने के प्रेगनेंसी के बाद मांसपेशियों और जोड़ों को आराम की जरूरत होती है। ज्यादा भारी चीजें उठाने से बचें और वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज न करें क्योंकि इनकी वजह से मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव पड़ सकता है।
आरामदायक पोजीशन में सोएं और सपोर्ट के लिए तकिए का इस्तेमाल करें।
पीठ दर्द, दस्त और उल्टी भी कोरोना के लक्षण! डरा रहे Covid-19 के नए रूप
अगर आपकी कमर में तेज दर्द है, पेट में दर्द है, पैर की पिंडलियों में दर्द है या रैश पड़ गए हैं तो ये भी कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं। मुंबई की सीनियर डॉक्टर जलील पारकर पिछले दिनों कोरोना वायरस के मरीजों को देख रहे थे। उन्होंने करीब 200 मरीजों का इलाज किया। बाद में वह खुद कोरोना पॉजिटिव आए। जलील बताते हैं कि उन्होंने जिस लक्षण को सबसे पहले महसूस किया वह पीठ दर्द ही था।
कोरोना वायरस के अबतक वैसे 9 लक्षण बताए गए हैं। अब अमेरिकन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) ने इसमें तीन नए लक्षण भी जोड़े हैं। इसमें बहती नाक, जी मचलाना या उल्टी आना और दस्त शामिल हैं।
कोरोना वायरस के इससे पहले तक सिर्फ 9 लक्षण बताए गए थे। इसमें बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, थकान, बॉडी पेन, सिर दर्द, स्वाद या गंध का एहसास ना होना, गले में खराश शामिल थे।
डॉक्टर बताते हैं कि इन दिनों उन्होंने ऐसे-ऐसे मरीज देखें हैं जिनको पहले कभी डायबिटीज नहीं थी लेकिन अब उनका शुगर लेवल 400 पार है। डॉक्टर कहते हैं कि कोरोना मरीज में शुगर लेवल तेजी से ऊपर चला जाता है।
डॉक्टर को कब दिखाएं
वैसे तो डिलीवरी के कुछ महीनों बाद ही कमर दर्द दूर हो जाता है लेकिन निम्न स्थितियों में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत होती है :
यदि दर्द तेज हो और धीरे-धीरे बढ़ रहा हो
कमर दर्द के साथ बुखार भी हो
किसी चोट जैसे कि गिरने की वजह से कमर में दर्द हो
एक या दोनों पैर सुन्न हों
डिलीवरी के 6 महीने बाद भी कमर दर्द ठीक न हो रहा हो
डिलीवरी के बाद पहले से ही शरीर कई तरह की परेशानियों से गुजर रहा होता है, ऐसे में कमर दर्द सहन करना आसान नहीं होता। शिशु और खुद की देखभाल भी इस समय जरूरी होती है लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा कमर दर्द हो रहा है और ऊपर बताए गए घरेलू तरीके भी काम नहीं आ रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
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