डिलीवरी से 10 दिन पहले बैग में जरूर रख लें ये जरूरी चीजें
प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद से लेकर डिलीवरी तक का समय इतना हड़बड़ी का होता है कि जल्दबाजी में जरूरी सामान घर पर ही रह जाता है। ऐसे में आपको डिलीवरी डेट से पहले ही कुछ तैयारियां कर लेनी चाहिए।
maternity bag checklist
जैसे-जैसे डिलीवरी का समय नजदीक आता है, वैसे-वैसे खुशी के साथ-साथ चिंता बढ़ जाती है। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर आपको कुछ भी याद नहीं रहेगा और ऐसे में आप अस्पताल ले जाने वाली जरूरी चीजों को रखना भूल सकती हैं। इस स्थिति में बेहतर होगा कि आप डिलीवरी से कम से कम 10 दिन पहले ही अपना हॉस्पीटल बैग तैयार कर लें।
आइए जानते हैं कि आपको किन चीजों को अपने बैग में रखना चाहिए।
कब तैयार करना चाहिए मैटरनिटी बैग
प्रेग्नेंसी के 36 हफ्ते पूरे करने के बाद आपको डॉक्टर द्वारा बताई गई तारीख से वाले हफ्तों में कभी भी प्रसव पीड़ा शुरू हो सकती है इसलिए बेहतर होगा कि गर्भावस्था के 36 महीने पूरे होने के बाद आप अपना मैटरनिटी बैग तैयार कर के दरवाजे के पास या कार के अंदर पहले से ही रखवा दें।
Pregnancy में बार-बार टॉइलट आने से हैं परेशान? ये तरीके आएंगे काम
प्रेग्नेंसी में बार-बार टॉइलट आना एक सामान्य बात है, लेकिन कई बार यही सामान्य सी बात प्रेगनेंट महिला के लिए बड़ी उलझन पैदा कर देती है। उसका ज्यादातर वक्त बाथरूम के चक्कर काटने में ही निकल जाता है। बार-बार टॉइलट आने की वजह से नींद में भी खलल पड़ जाता है। लेकिन कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से प्रेग्नेंसी में बार-बार टॉइलट आने की समस्या से निपटा जा सकता है।
सबसे पहले तो यह जानें कि प्रेग्नेंसी में बार-बार टॉइलट क्यों आता है। पहले 5 महीनों तक बार-बार टॉइलट इसलिए आता है क्योंकि इस दौरान शरीर में काफी बदलाव आते हैं। इसकी वजह से हॉर्मोन्स पर भी फर्क पड़ता है और ये हॉर्मोन्स किडनी पर ज्यादा यूरिन प्रड्यूस करने के लिए दबाव डालते हैं। इसके अलावा जैसे जैसी बच्चे का विकास होता है, वैसे वैसे ब्लैडर पर प्रेशर बढ़ता चला जाता है।
इसके अलावा यह भी समझना जरूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान कितनी बार टॉइलट जाना सामान्य है और कितनी बार नहीं। तो बता दें कि इसका कोई फिक्स आंकड़ा नहीं है। कई प्रेगनेंट महिलाएं एक दिन में 4 से 10 बार टॉइलट जाती हैं तो कई महिलाएं 3 से 4 बार।
सबसे पहले तो यह ध्यान रखें कि आप तरल पदार्थ लेना या पानी पीना कम न करें। अगर आप ऐसा यह सोचकर कर रही हैं कि इससे आपको कम टॉइलट आएगा, तो ऐसा नहीं है। आपकी बॉडी और आपके बेबी को प्रेग्नेंसी के दौरान फ्लूइड की काफी जरूरत होती है। पानी की कमी से यूटीआई हो सकता है।
अगर बार-बार टॉइलट जाने के दौरान दर्द हो, या खून निकले या फिर बुखार हो जो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये लक्षण यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई के हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान जरा सा हंसने या फिर जोर से छींकने से भी हल्का सा टॉइलट निकल जाता है और यह एकदम सामान्य है। इस स्थिति में ब्लैडर पर प्रेशर पड़ने के साथ-साथ बॉडी रिलैक्सिन नाम का एक हॉर्मोन भी सिक्रीट करता है। इससे मांसपेशियां, लिगामेंट्स और पेल्विक फ्लोर मसल्स रिलैक्स होती हैं। ऐसी स्थिति में आप पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं। (ध्यान रखें: बार-बार टॉइलट जाने की समस्या बच्चे के जन्म तक बनी रहती है। हालांकि इसकी फ्रिक्वेंसी अलग-अलग महिलाओं में भिन्न हो सकती है।)
मां के लिए जरूरी सामान
आपको अपने लिए टूथब्रश, टूथपेस्ट, लिप बाम, कंघी और हेयर बैंड रखना चाहिए।
अस्पताल में आपको साबुन, शैंपू और लोशन मिल जाएगा लेकिन फिर भी बेहतर होगा कि आप घर से ही ये सब लेकर जाएं।
डिलीवरी के बाद पहनने के लिए गाउन, चप्पल और जुराब जरूर रखें। अपने पास ढीली गाउन जरूर रखें। इससे आपको काफी आरामदायक महसूस होगा।
बैग में नोटपैड और पैन भी रखें। जरूरत पड़ने पर आप इसमें शिशु को दूध पिलाने का समय नोट कर सकती हैं।
जो भी चीजें आपको रिलैक्स महसूस करवाती हैं, उन्हें भी रखें।
अपने परिवार की तस्वीर भी बैग में रख सकती हैं।
ब्रा और नर्सिंग ब्रा
ब्रेस्ट पैड, अंडरवियर और सैनिटरी पैड
सी-सेक्शन के लिए क्या रखें
अगर आपकी सी-सेक्शन डिलीवरी होनी है तो आपको नीचे बताई गई चीजों की जरूरत पड़ सकती है -
आरामदायक अंडरवियर जिससे ऑपरेशन के बाद टांकों पर प्रभाव न पड़े।
आपको अपने लिए ऐसी गाउन रखनी है जो पेट के पास से ढीली हो। इससे ऑपरेशन वाली जगह पर दबाव नहींं पड़ेगा।
कंप्रेशन बेल्ट से टांके सुरक्षित रहते हैं। इससे आपको आसानी से हिलने-डुलने में भी मदद मिलेगी। ये सूजन को कम करने और पीठ की मांसपेशियों को सपोर्ट देती है।
सी-सेक्शन के बाद कब्ज होना आम बात है इसलिए अपने हॉस्पीटल बैग में कब्ज की दवा जरूर रखें। हालांकि, इसे लेने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लें।
शिशु के लिए क्या रखें
नवजात शिशु के सबसे पहले कपड़े रखें। जन्म के बाद शिशु को साफ करने के बाद कपड़े पहनाने होते हैं। शिशु को घर लाने के समय पर आप उसे नए या कुछ खास कपड़े पहनाना चाहती होंगीं, उन कपड़ों को भी बैग में रख लें। इसके अलावा डायपर और मुलायम ब्लैंकेट रखें। नवजात शिशु को हर दिन 10 से 12 डायपर की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए आप तैयारी कर लें। दूध पिलाने के बाद शिशु का मुंह साफ करने के लिए दो-चार मुलायम कपड़े या वाइप्स जरूर रखें।
अपने हॉस्पीटल बैग में आपको अपनी और शिशु के लिए आवश्यक चीजों के अलावा उन चीजों को भी जगह देनी है जो आपको सुकून देती हों। अस्पताल में रहने पर समय बिताने के लिए मैगजीन, किताबें आदि रखना न भूलें।
प्रसव के समय जरूरत का सामान?