गर्भवती महिलाओं का ज्यादा देर तक भूखे पेट रहना जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के प्रति खतरनाक माना जाता है। अभी तक यह धारणा बनी थी कि सोनोग्राफी कराने के लिए खाली पेट आना जरूरी होता हैै। लेकिन सिम्स में महिलाओं को जागरूक करने के लिए रेडियोलॉजी विभाग के पास एक बोर्ड लगाया गया है जिसमें यह जानकारी दी गई कि अगर महिला गर्भवती है तो सोनोग्राफी कराने के पूर्व वह हल्का नाश्ता कर सकती है। वहीं जो महिला गर्भवती नहीं है वह खाली पेट तो आए लेकिन पानी पीकर जरूर आए जिससे सोनोग्राफी रिपोर्ट सही तरीके से आ सके।
इसके पीछे की वजह यह होती है कि खाना खाने के बाद पित्ताशय की थैली (gallbladder) सिकुड़ जाती है। ऐसे में पित्ताशय के रोगों की स्कैनिंग ठीक से नहीं हो पाती। इसलिए अल्ट्रासाउंड में खाली पेट बुलाया जाता है।
प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड खाली पेट होता है क्या?