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प्रेगनेंसी के 5 महीने में क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

Language: Hindi | Published: 17 Oct 2022 | Views: 8
प्रेगनेंसी के 5 महीने में क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
गर्भावस्था के पांचवें महीने के लक्षण-
गर्भावस्था के हर महीने कुछ लक्षण समान रहते हैं, तो कुछ नए हो सकते हैं। जानिए, पांचवें महीने के लक्षण के बारे में :

1. थकान होना : गर्भावस्था के पांचवें महीने में थकान होना आम लक्षण है। जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का वजन बढ़ेगा गर्भवती को जल्दी थकान महसूस होगी।

2. पीठ दर्द होना : गर्भाशय में शिशु का आकार बढ़ने के कारण पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने की समस्या आम है। अधिकतर गर्भवती महिलाएं पूरे गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द की समस्या से परेशान रहती हैं।

3. सिर दर्द होना : हालांकि, गर्भावस्था में गैस और कब्ज की समस्या होना आम है, इस वजह से सिर दर्द की शिकायत अक्सर रहती है।

4. नाखून कमजोर पड़ना : इस दौरान नाखूनों पर भी असर पड़ता है। आप पाएंगी कि गर्भावस्था के दौरान आपके नाखून पहले से कमजोर हो गए हैं और जल्दी टूट जाते हैं। कुछ मामलों में नाखून मजबूत भी हो जाते हैं। ऐसा ज्यादातर दूसरी तिमाही के दौरान होता है।

5. मसूड़ों से खून आना : गर्भावस्था के पांचवें महीने में अधिकतर महिलाओं को मसूड़ों से खून आने की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसा हार्मोनल बदलाव या फिर विटामिन-के की कमी के कारण होता है।

6. सांस लेने में तकलीफ होना : प्रोजेस्टरोन हार्मोन बढ़ने के कारण ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को सांस लेने में तकलीफ होती है (4)। इसके अलावा, वजन बढ़ने के कारण भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गर्भ में एक से अधिक शिशु होने पर बढ़ते हुए गर्भाशय का प्रभाव डायफ्राम पर पड़ने से यह समस्या जल्दी शुरू हो जाती है।

7. योनि से सफेद पानी आना : योनि से सफेद स्राव आ सकता है। बिना दुर्गंध का, सफेद व पिच्छिल (न ज्यादा गाढ़ा, न ज्यादा पतला) स्त्राव बिना जलन, खुजली या दर्द के आए, तो वह सामान्य योनि स्त्राव है। इसके अतिरिक्त लक्षण नजर आने पर चिकित्सक से परामर्श लें ।

8. भूलने की समस्या : गर्भावस्था में हार्मोनल बदलाव के चलते मस्तिष्क पर असर पड़ता है, जिस कारण गर्भवती को कभी-कभी भूलने की समस्या हो सकती है।

9. टखनों में सूजन आना और पैरों में दर्द होना : गर्भावस्था के पांचवें महीने के दौरान पैरों में दर्द और सूजन होना आम है। गर्भावस्था के दौरान शिशु के पोषण के लिए शरीर में रक्त ज्यादा बनता है और अक्सर टांगों की नसें ब्लॉक हो जाती हैं, जिस कारण रक्त पैरों से हृदय तक नहीं पहुंच पाता, तब ये लक्षण नजर आते हैं ।

10. गैस व कब्ज रहना : शरीर में होने वाले तमाम तरह के बदलाव से कब्ज हो सकती है, जिससे गैस की समस्या भी होती है।

11. कभी-कभी चक्कर आना : जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का विकास होता है, शिशु के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक तत्वों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में गर्भवती को कभी-कभी कमजोरी महसूस हो सकती है, जिस कारण चक्कर आ सकते हैं।

12. नाक से खून आना : गर्भावस्था के पांचवें महीने के दौरान नकसीर आना यानी नाक से खून आना भी सामान्य बात है। यह रक्त संचार बढ़ने चलते होता है ।
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