कभी जानकारी की कमी तो कई बार झिझक के कारण प्रेग्नेंट महिलाएं कुछ बातें अपनों से साझा नहीं कर पाती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। पहली बार मां बनने वाली महिलाएं इस अनुभव को लेकर उत्सुक भी रहती हैं, साथ ही इस दौरान शरीर में आने वाले बदलावों को लेकर चिंता भी करती हैं। गर्भवती महिलाओं के साथ ही पूरे परिवार के लिए उनके गर्भावस्था का समय बेहद खास होता है। ऐसे में पीरियड मिस होने पर महिलाओं को सबसे पहला ख्याल प्रेग्नेंसी का ही आता है। इसलिए आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के क्या लक्षण हैं –
शरीर का तापमान बढ़ना: अगर मासिक धर्म नहीं आया हो और शरीर का तापमान भी ज्यादा हो तो प्रेग्नेंसी का लक्षण हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि पूरे गर्भावस्था में शरीर का तापमान बढ़ा ही रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरोन की अधिकता होती है जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है।
ऐंठन: अगर आपने पीरियड्स मिस कर दिया है और आपको पेट व शरीर के अन्य हिस्सों में ऐंठन भी होती है तो ये इस बात का इशारा करती है कि आप प्रेग्नेंट हैं। बता दें कि ऐंठन को गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में से एक माना जाता है।
ब्रेस्ट में सूजन: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं इसका प्रभाव अन्य अंगों पर भी पड़ता है। इस कारण स्तन में खिंचाव या सूजन हो सकता है। इसके अलावा, स्तनों का भारी होना, इनके आकार में परिवर्तन या फिर फिर ब्रेस्ट पेन भी प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं।
थकावट और ज्यादा नींद आना: हार्मोनल परिवर्तन के कारण गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में थकान और ज्यादा नींद आने की शिकायत होती है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर जब बढ़ जाता है तो इससे नींद ज्यादा आने लगती है। इतना ही नहीं, इससे थकान भी अत्यधिक होने लगती है। शुरुआती 3 महीनों में ऐसा हो सकता है।
पेट संबंधी दिक्कतें: यदि आपने पीरियड्स मिस कर दिया है और आपको पेट फूलने की समस्या हो रही है तो यह प्रेग्नेंसी के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा, आपको कब्ज की समस्या हो सकती है क्योंकि हार्मोन पाचन तंत्र के माध्यम से भोजन को धीरे-धीरे पारित करने का कारण बनता है। य
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