Home pregnancy test : क्या है होम प्रेग्नेंसी टेस्ट किट यूज करने का सही तरीका और समय
how to do pregnancy test in hindi: होम प्रेगनेंसी टेस्ट की मदद से आप घर बैठे ही जान सकती हैं कि आप प्रेगनेंट हैं या नहीं। लेकिन ये होम प्रेगनेंसी टेस्ट रिजल्ट तभी सही देता है जब इसे सही तरीके से और सही समय पर किया जाए।
conceving after sex
अगर आपने भी मां बनने का सपना लंबे समय से संजोकर रखा हुआ है तो हो सकता है कि किसी तरह का टेस्ट करवाने से पहले ही आपको अपने शरीर में प्रेग्नेंसी से जुड़े कुछ लक्षण नजर आने लगें। आजकल तो केमिस्ट की शॉप पर बड़ी आसानी से होम प्रेग्नेंसी टेस्ट किट मिल जाती है जिसका इस्तेमाल कर आप मिनटों में जान सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं। लेकिन इस टेस्ट किट को कब इस्तेमाल करना चाहिए, यूज करने का सही तरीका क्या है और टेस्ट रिजल्ट से आप क्या पता लगा सकती हैं? इस तरह के सारे सवालों के जवाब यहां जानें।
कब करें प्रेग्नेंसी टेस्ट?
सबसे बड़ा सवाल कि आखिर प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करके घर पर ही टेस्ट करने का सबसे सही समय क्या है और ये टेस्ट कब करना चाहिए? असल में महिला के यूरिन में मौजूद एक हॉर्मोन HCG की मौजूदगी से पता चलता है कि महिला गर्भवती है या नहीं। यह हॉर्मोन तभी शरीर में पैदा होता है जब निषेचित अंडाणु गर्भाशय की दीवार से खुद को जोड़ लेता है।
ऐसे में पीरियड्स मिस होने के 3-4 दिन के बाद आप प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं। हालांकि अगर आप बहुत जल्दी टेस्ट करेंगी तो आपको गलत नजीते मिलने की आशंका बढ़ जाएगी। लिहाजा गाइनैकॉलजिस्ट्स की मानें तो पीरियड्स मिस होने के एक हफ्ते बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकते हैं। इस समय तक महिला के शरीर में HCG की इतनी मात्रा होती है कि उसे यूरिन के जरिए किए जाने वाले टेस्ट से जांचा जा सकता है।
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होम प्रेग्नेंसी टेस्ट किट यूज करने का सही तरीका क्या है?
वैसे तो केमिस्ट के पास मिलने वाले होम प्रेग्नेंसी यूरीन टेस्ट किट पर सभी जानकारियां और निर्देश लिखे होते हैं बावजूद इसके हम आपको स्टेप बाइ स्टेप बता रहे हैं कि आखिर इसे यूज करने का सही तरीका क्या है।
- प्रेग्नेंसी टेस्ट करते वक्त वैसे तो आप किसी भी समय का यूरिन यूज कर सकती हैं लेकिन बिलकुल ऐक्युरेट रिजल्ट हासिल करना है तो हमेशा सुबह के सबसे पहले यूरिन का इस्तेमाल ही करें। इससे सही रिजल्ट पाना आसान हो जाता है।
- एक साफ और सूखा हुआ छोटा सा कंटेनर लें जिसमें आप यूरिन को कलेस्ट करेंगी।
- टेस्ट किट के अंदर जो टेस्ट स्ट्रिप होती है उसे सावधानी से पकड़ें और किसी साफ सुथरी जगह पर रखें।
- टेस्ट किट के अंदर मौजूद ड्रॉपर की मदद से यूरिन की 2-3 बूंद को टेस्ट स्ट्रिप के साइड में बने हिस्से में डालें।
- 3-5 मिनट तक इंतजार करें और फिर रिजल्ट देखें।
आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि सेकंड प्रेगनेंसी आसान होनी चाहिए। इस समय आपके शरीर को पता होता है कि क्या करना है और वो पहले से ही प्रेगनेंसी में होने वाले बदलावों के लिए तैयार होता है। वहीं, कुछ मामलों में दूसरी बार मां बनना आसान नहीं होता है और इसके लिए कुछ कारण जिम्मेदार होते हैं।
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माना जाता है कि दूसरी बार प्रेगनेंट होने पर लेबर पेन ज्यादा देर तक नहीं होता है। पहली बार डिलीवरी में जहां लेबर पेन 8 घंटे तक रहता है, तो वहीं दूसरी बार में इसमें सिर्फ पांच घंटे लगते हैं।
पहली डिलीवरी के दौरान शिशु के जन्म के लिए शरीर में खिंचाव आता है और इसका फायदा दूसरी डिलीवरी में होता है। शरीर के पहले से ही स्ट्रेच होने के कारण दूसरी डिलीवरी में टांके कम आते हैं।
इस बार प्रेगनेंसी के लक्षण ज्यादा जल्दी दिखने लगेंगे। आपको प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में ही ओवरी के रिलैक्सिन हार्मोन रिलीज करना शुरू करने की वजह से जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाएगा।
यह हार्मोन रक्त वाहिकाओं के जरिए पूरे शरीर में संचालित होता है और लेबर के लिए दोनों लिगामेंट और जोड़ों को ढीला करता है।
इस बार आपको प्रेगनेंसी में थकान अधिक महसूस हो सकती है क्योंकि पहले बच्चे को भी संभालना होगा। आपको अपने पहले बच्चे की परवरिश भी करनी होगी और उसे यह भी समझाना होगा कि उसे अपने भाई या बहन के साथ कैसे रहना है।
इसके अलावा ऐसा जरूरी नहीं है कि पहली बार मां बनने पर कोई जटिलता नहीं आई थी तो दूसरी प्रेगनेंसी में भी कॉप्लिकेशन नहीं आएगी। सेकंड प्रेगनेंसी में पोस्टपार्टम डिप्रेशन या प्रीक्लैंप्सिया हो सकता है।
कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि पहले बच्चे के होने के कितने समय के बाद दूसरा बच्चा करना चाहिए। विशेषज्ञों और डॉक्टरों की मानें तो दो प्रेगनेंसी के बीच कम से कम 18 महीने का गैप होना चाहिए।
इससे कम गैप होने पर मां की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। 18 महीने में महिलाओं का शरीर पूरी तरह से रिकवर हो चुका होता है और दूसरे बच्चे के लिए तैयार होता है।
रिजल्ट पढ़ने का सही तरीका क्या है
1 पिंक लाइन- अगर टेस्ट किट में सिर्फ 1 पिंक लाइन दिख रही है इसका मतलब है कि टेस्ट नेगेटिव है और आप प्रेग्नेंट नहीं हैं।
2 पिंक लाइन- अगर टेस्ट किट में 2 पिंक लाइन दिख रही है यानी आप टेस्ट पॉजिटिव है और प्रेग्नेंट हैं। अगर लाइन का कलर हल्का पिंक है तब भी आप खुद को प्रेग्नेंट मान सकती हैं।
कोई लाइन नहीं- अगर टेस्ट किट में किसी भी तरह की कोई लाइन ही न बने तो इसका मतलब है कि आपका टेस्ट सही तरीके से नहीं हुआ है और आपको दोबारा टेस्ट करने की जरूरत है। इसलिए 24 घंटे के अंदर दोबारा टेस्ट करें।
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