दुनिया की ज्यादातर महिलाओं के लिए शायद मातृत्व से बड़ा सुखद एहसास दूसरा नहीं है. लेकिन कई बार जब प्रेग्नेंसी प्लान न की हो या अनचाही हो तो कपल्स को कई परेशानियां भी उठानी पड़ सकती हैं. हालांकि बाजार में प्रेग्नेंसी के बारे में पता करने और उसे रोकने के लिए तमाम संसाधन मौजूद हैं. लेकिन उनका सही इस्तेमाल कब, कैसे और किस समय किया जाना ठीक होगा इसे लेकर लोगों में अनिश्चितता बनी रहती है. इसलिए लोगों में इस बात की जानकारी होना बेहद जरूरी है कि साथी से संबंध स्थापित करने के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करने पर सही नतीजे मिलेंगे. हालांकि ज्यादातर लोग पीरियड्स मिस हो जाने को प्रेग्नेंसी का मुख्य लक्षण मानते हैं. लेकिन कई बार पीरियड्स दूसरे कारण से भी मिस हो जाते हैं. ऐसे में बेहतर है कि प्रेग्नेंसी को लेकर निश्चित होने के लिए करें ये.
साथी से सम्बन्ध स्थापित करने के बाद अक्सर महिलाएं इस बात को लेकर पशोपेश में रहती हैं कि अगर पीरियड्स मिस हो गए हैं तो उसके कितने दिन बाद टेस्ट करने पर ठीक परिणाम मिलेगा. दरअसल, प्रेग्नेंसी तभी कन्फर्म मानी जा सकती है जब महिला के ब्लड में HCG हॉर्मोन मिले. हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में 6 से लेकर 7 दिन तक लग सकते हैं. एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक, अगर अभी तक आपका पीरियड साइकिल सामान्य था तो मिस होने की स्थिति में आप अगले दिन भी प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकते हैं.
अगर मां बनने के प्रयास में हैं और आपकी पीरियड साइकिल मिस हो गई है तो बेहतर यही है कि आप जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर उसकी सलाह लें और प्रेगनेंसी टेस्ट करा लें. लेकिन एक निश्चित रिजल्ट के लिए आपको 7 दिन बाद ही प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने का परामर्श दिया जाता है. इसकी वजह है कि 7 दिन से पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करने पर रिजल्ट निगेटिव ही आता है.
हालांकि अगर आप डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते हैं तो पहले घर पर ही प्रेग्नेंसी किट के जरिए प्रेग्नेंसी टेस्ट कर लें. मार्केट में प्रेग्नेंसी किट बड़ी आसानी से मिल जाएगी. प्रेग्नेंसी किट पर लिखे निर्देशों का सावधानी से पालन करें तभी टेस्ट सही हो पाएगा. ये टेस्ट सुबह के सबसे पहले यूरिन सैंपल में करने पर परिणाम ज्यादा सही आते हैं. बता दें कि कई बार प्रेग्नेंसी किट के परिणाम गलत भी हो सकते हैं इसलिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
प्रेगनेंसी टेस्ट में 3 से ज्यादा बूंद डालने से क्या होता है?