प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार खाने से दूर रहने की क्यों दी जाती है सलाह-
पेट में जलन की समस्या-
प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से पेट में जलन की शिकायत हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान मसालेदार खाद्य पदार्थ काफी समय तक पेट और आंतों में रहता है। जिसकी वजह से पेट का एसिड वापस अन्नप्रणाली में चला जाता है और पेट में जलन की समस्या हो सकती है।
अपच -
प्रेगनेंसी के दौरान पाचन तंत्र बहुत धीमा काम करता है, जिससे आहार ठीक से पच नहीं पाता। ऐसे में मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन अपच की समस्या को बढ़ा सकता है।
उल्टी-
प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाएं उल्टी की समस्या से परेशान रहती हैं। ऐसे में स्पाइसी फूड का अधिक सेवन उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।
गैस-
प्रेगनेंसी में मसालेदार भोजन करने से गैस और पेट फूलने की समस्या भी हो सकती है।मसालेदार खाना इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम का कारण बनता है। जिससे गैस बनना और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।
प्रेगनेंसी में स्पाइसी फूड खाते समय बरतें ये सावधानियां-
-प्रेगनेंसी के दौरान स्पाइसी फूड खाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें डाले गए मसाले प्रमाणित अच्छे ब्रांड के मसाले हो। ताकि मां और होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर न पड़ सके।
-खाने में कम मसालों का इस्तेमाल करें।
-ज्यादा से ज्यादा घर का बना खाना खाएं। बाहर का खाना खाने का मन करें तो चख लें लेकिन क्रेविंग शांत करने के लिए पेट भरकर न खाएं। वरना महिला को उल्टी की समस्या हो सकती है।
-चटपटा खाने का मन करने पर नींबू और काले नमक की मदद लें।
-मसाले लेते समय उनकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें।
-खुले मसाले खरीदने से बचें।
-मसालेदार भोजन खाने से अगर पेट में जलन महसूस होती है, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें।
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