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प्रेगनेंसी में दूध कब आता है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 28
प्रेगनेंसी में दूध कब आता है?

गर्भावस्‍था के दौरान महिला के शरीर में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। शरीर का वजन बढ़ जाता है, योनि का आकार बदल जाता है, यहां तक कि स्‍तन का आकार भी बदलता रहता है। ऐसे में महिला को हर महीने अपने शरीर के हिसाब से कपड़े लेने होते हैं और शरीर के परिवर्तन को समझना भी पड़ता है। ऐसा गर्भ में पलने वाली संतान के खुद को मां के शरीर में एडजस्‍ट करने के कारण होता है।

स्‍तनों में यह बदलाव आगामी समय के लिए होता है जब आपका बच्‍चा आपकी गोद में होगा और आपको उसे दूध पिलाना होगा। संतान के पैदा होने से पहले स्‍तनों का आकार सामान्‍य होता है। ये स्‍तन भी शिशु के भरण-पोषण के लिए स्‍वयं को नौ महीने पहले से ही तैयार करने लगते हैं और नौ महीने बाद इनमें दूध उत्‍पन्‍न हो जाता है। खास बात यह कि महिला को पता चलने लगता है कि उसके स्‍तनों का आकार बढ़ने लगा है। ये आकार एक बार में नहीं बल्कि हफ्ते-दर-हफ्ते बढ़ता है।

संवेदनशील होने लगते हैं निप्‍पल
प्रेग्‍नेंसी के दौरान स्‍तनों में दुग्‍ध डक्‍ट और एवीओलर बड्स का विकास हो जाता है। ये परिवर्तन दूसरे हफ्ते में होते हैं जब अंडा निषेचित हो जाता है। इस दौरान स्‍तनों में कसाव महसूस होता है और तीसरे हफ्ते तक ये काफी ज्‍यादा हो जाता है। चौथे हफ्ते तक आते-आते स्‍तनों में रक्‍त का संचार बहुत बढ़ जाता है। निप्‍पल हल्‍के से संवेदनशील होने लगते हैं। साथ ही दूध उत्‍पादन करने वाली कोशिकाएं बढ़ने लग जाती हैं।

प्‍लीसेंटल लैक्‍टोजन्‍स नामक हारमोन स्‍तनों में बढ़ जाते हैं। ग्‍लैंडुलर टिश्‍यू का विकास स्‍तनों में बढ़ जाता है और इससे स्‍तनों में भारीपन आने लगता है और महिला को असहज महसूस होने लगता है। ऐसा मिल्‍क डक्‍ट में सूजन आने के कारण भी होता है। इस दौरान निप्‍पल के आसपास पिग्‍मेंटेशन बढ़ जाता है और धब्‍बे व चक्‍कते जैसे नजर आने लगते हैं।
650 ग्राम तक बढ़ जाता है वजन
सातवें हफ्ते के दौरान, स्‍तनों का वजन लगभग 650 ग्राम तक बढ़ जाता है क्‍योंकि शरीर में एस्‍ट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही प्रोजेस्‍टोरेन की मात्रा भी कहीं ज्‍यादा हो जाती है। आठवें हफ्ते के दौरान मार्बिलिंग नामक प्रभाव स्‍तनों में नजर आता है जो स्‍तनों की अंदरूनी त्‍वचा में प्रभाव डालता है। स्‍तनों में रक्‍त की अच्‍छी सप्‍लाई के लिए नसों का विस्‍तार भी हो जाता है।

इस दौरान स्‍तनों से हल्‍का भूरा चिपचिपा द्रव निकल सकता है। ये वो द्रव होता है जिसे बच्‍चा दूध का सेवन करने से पहले कोलोस्‍ट्रम के रूप में पीता है यानि हल्‍का पीला गाढ़ा दूध। ये उसी प्रकार के दूध का एक रूप होता है। इसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है और इसमें बच्चे के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व शामिल होते हैं। यह आवश्यक प्रतिरोध शक्ति भी देता है।


नजर आ सकते हैं स्‍ट्रेच मार्क
20वें हफ्ते में आपको स्‍तनों में स्‍ट्रेच मार्क नजर आ सकते हैं जोकि त्‍वचा में पड़ने वाले खिंचाव के कारण होता है। अगर किसी को ये नहीं होते हैं तो वह बहुत ही लकी इंसान है। सप्ताह 21 से 24 स्तन अब पहले की तुलना में बड़े आकार में हो जाते हैं। ऐसे में सही नंंबर की ब्रा पहनना बहुत जरूरी होता है वरना आपको कसाव हो सकता है। कोशिश करें कि आप पैडेड ब्रा न पहनकर कॉटन की ब्रा पहनें।

गर्भावस्‍था के अंतिम दिनों में स्‍तन पूरी तरह से बढ़ जाते हैं। इनमें ऑक्‍सीटोन नामक हॉर्मोन संकुचन को प्रेरित करते हैं जब स्‍तनों को हाथों से छुआ जाता है।
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