प्रेगनेंसी में पेट की खुजली दूर करने के घरेलू नुस्खे
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं अनगिनत बदलावों और परेशानियों से गुजरती हैं। उन्हें कभी मॉर्निंग सिकनेस होती है तो कभी पैरों में सूजन आ जाती है। प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियों में से एक पेट पर खुजली होना भी है।
गर्भावस्था में महिलाओं को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं जिनमें से एक पेट पर खुजली होना भी है। कई महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान इस तरह की दिक्कत की शिकायत करती हैं। अगर आप भी प्रेगनेंट हैं और पेट पर खुजली होने की वजह से रात को सोने तक में परेशानी हो रही है तो यहां बताए गए घरेलू नुस्खे जरूर आजमाएं।
गर्भावस्था के दौरान पेट की स्किन खिंचने की वजह से पेट पर खुजली होना सामान्य बात है। कुछ मामलों में ब्रेस्ट, हथेलियों और पैर के तलवों में भी खुजली होती है। ऐसा प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव और त्वचा से संबंधित समस्याओं के कारण हो सकता है।
प्रेगनेंसी में पेट पर खुजली से राहत पाने के लिए आप घरेलू उपायों की मदद ले सकती हैं।
गर्भावस्था में पेट पर खुजली के कारण
गर्भ में बढ़ते शिशु को जगह देने के लिए गर्भाशय खिंच जाता है जिसकी वजह से पेट पर खुजली हो सकती है। स्किन के खिंचने से नमी कम होने लगती है और स्किन रूखी पड़ने लगती है जिससे खुजली होती है। ड्राइनेस का इलाज करने से खुजली कम हो सकती है।
हार्मोनल बदलाव खासतौर पर एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने पर भी पेट पर खुजली हो सकती है।
वेजाइना में होती है जलन और खुजली, तो जानें इससे छुटकारा पाने के घरेलू उपाय
इस तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जिससे खुजली में आराम मिलता है। इसे इस्तेमाल करने के लिये टी ट्री ऑइल की 4 से 6 बूंद ले कर नहाने के पानी में मिक्स करें। यही नहीं आप चाहें तो इसे एलोवेरा जेल के साथ मिक्स कर के अपने प्राइवेट पार्ट में लगा सकती हैं। उसके थोड़ी देर के बाद जब वह सूख जाए तब धो लें।
नीम में ढेर सारे औषधीय गुण होते हैं। यह एंटी फंगल होती है जो शरीर में पनप रहे संक्रमण को रोकने के लिये जानी जाती है। प्रयोग करने के लिये नीम की कुछ पत्तियों को अपने नहाने के पानी में मिलाएं और इससे नहाएं। या फिर नीम की पत्तियों को पानी में 10 मिनट के लिए उबाल लें। जब पानी ठंडा हो जाए फिर इसी पानी से अपने गुप्त अंग को धोएं।
-
बेकिंग सोडा यीस्ट इंफेक्शन के साथ-साथ खुजली का इलाज भी कर सकता है। 2014 के एक अध्ययन में पाया गया कि बेकिंग सोडा कैंडिडा सेल्स को खत्म कर सकता है। ये वो सेल्स होती हैं जो यीस्ट इंफेक्शन का कारण बनती हैं। यदि आप खुजली से परेशान हैं तो रोज 1/4 से 2 कप बेकिंग सोडा को नहाने के पानी में डालें। और कम से कम 20 से 30 मिनट तक उसी पानी में रहें। इसके अलावा आप इसका पेस्ट भी बना सकती हैं और स्किन पर लगा सकती हैं।
-
बहुत से लोग मानते हैं कि नहाने के पानी में अगर एप्पल साइडर सिरका मिला लिया जाए तो यीस्ट इंफेक्शन काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह खुजली वाली त्वचा के लिए एक आम घरेलू उपाय भी है। एप्पल साइडर वेनिगर में एंटी बैक्टेरियल और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। इसे लगाने के लिये 2 चम्मच वेनिगर को 1 गिलास पानी में मिला कर उससे अपने प्राइवेट पार्ट धोएं।
-
आमतौर पर, दर्द और खुजली 3-4 दिनों के बाद अपने आप दूर हो जाती है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। यहां कुछ चीजें बताई जा रही हैं, जिन्हें आप आजमा सकती हैं...
अपना पुराना रेजर फेक कर नया खरीदेंसूती कपड़े पहनें।अपनी योनि को साफ करने के लिए बहुत कठोर साबुन का प्रयोग न करें बहुत सारा पानी पियेंपीरियड्स के दौरान साफ सफाई अपनाएं। पैड्स को हर चार घंटे में बदलें जिम या स्विमिंग के बाद तुरंत कपड़ों को बदलें
ओटमील बाथ
अगर आप पेट पर खुजली होने से परेशान हैं तो इसका इलाज ओटमील बाथ से कर सकती हैं। इसके लिए गुनगुने पानी में एक कप ओट्स मिलाएं और नहा लें। माना जाता है कि ओट्स मिला पानी स्किन को आराम देता है और खुजली कम करता है।
एलोवेरा जेल
स्किन से जुड़ी सभी प्रॉब्लम्स का इलाज एलोवेरा जेल से किया जा सकता है। जहां पर भी आपको खुजली होती है, उन सभी हिस्सों पर नहाने के बाद एलोवेरा जेल लगाएं। इससे स्किन को आराम मिलता है और जलन कम होती है। पेट को खुजलाने पर स्किन को होने वाले नुकसान से भी एलोवेरा जेल बचाता है।
इस तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जिससे खुजली में आराम मिलता है। इसे इस्तेमाल करने के लिये टी ट्री ऑइल की 4 से 6 बूंद ले कर नहाने के पानी में मिक्स करें। यही नहीं आप चाहें तो इसे एलोवेरा जेल के साथ मिक्स कर के अपने प्राइवेट पार्ट में लगा सकती हैं। उसके थोड़ी देर के बाद जब वह सूख जाए तब धो लें।
नीम में ढेर सारे औषधीय गुण होते हैं। यह एंटी फंगल होती है जो शरीर में पनप रहे संक्रमण को रोकने के लिये जानी जाती है। प्रयोग करने के लिये नीम की कुछ पत्तियों को अपने नहाने के पानी में मिलाएं और इससे नहाएं। या फिर नीम की पत्तियों को पानी में 10 मिनट के लिए उबाल लें। जब पानी ठंडा हो जाए फिर इसी पानी से अपने गुप्त अंग को धोएं।
-
बेकिंग सोडा यीस्ट इंफेक्शन के साथ-साथ खुजली का इलाज भी कर सकता है। 2014 के एक अध्ययन में पाया गया कि बेकिंग सोडा कैंडिडा सेल्स को खत्म कर सकता है। ये वो सेल्स होती हैं जो यीस्ट इंफेक्शन का कारण बनती हैं। यदि आप खुजली से परेशान हैं तो रोज 1/4 से 2 कप बेकिंग सोडा को नहाने के पानी में डालें। और कम से कम 20 से 30 मिनट तक उसी पानी में रहें। इसके अलावा आप इसका पेस्ट भी बना सकती हैं और स्किन पर लगा सकती हैं।
-
बहुत से लोग मानते हैं कि नहाने के पानी में अगर एप्पल साइडर सिरका मिला लिया जाए तो यीस्ट इंफेक्शन काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह खुजली वाली त्वचा के लिए एक आम घरेलू उपाय भी है। एप्पल साइडर वेनिगर में एंटी बैक्टेरियल और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। इसे लगाने के लिये 2 चम्मच वेनिगर को 1 गिलास पानी में मिला कर उससे अपने प्राइवेट पार्ट धोएं।
-
आमतौर पर, दर्द और खुजली 3-4 दिनों के बाद अपने आप दूर हो जाती है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। यहां कुछ चीजें बताई जा रही हैं, जिन्हें आप आजमा सकती हैं...
अपना पुराना रेजर फेक कर नया खरीदेंसूती कपड़े पहनें।अपनी योनि को साफ करने के लिए बहुत कठोर साबुन का प्रयोग न करें बहुत सारा पानी पियेंपीरियड्स के दौरान साफ सफाई अपनाएं। पैड्स को हर चार घंटे में बदलें जिम या स्विमिंग के बाद तुरंत कपड़ों को बदलें
नारियल तेल और एप्पल साइडर विनेगर
प्रेगनेंसी में पेट पर खुजली होने पर ड्राइनेस और खुजली को रोकने के लिए रोज नारियल तेल लगाएं। इसके अलावा इस काम में एप्पल साइडर विनेगर को भी बहुत कारगर माना जाता है। पेट पर थोड़ा-सा एप्पल साइडर विनेगर लगाने से जलन और रूखेपन से राहत मिल सकती है।
बेकिंग सोडा बाथ
गुनगुने पानी में आधा कप बेकिंग सोडा डालें और उससे नहाएं। आप बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर इसके पेस्ट को भी पेट पर लगा सकती हैं। इससे भी खुजली से आराम मिलता है।
इस तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जिससे खुजली में आराम मिलता है। इसे इस्तेमाल करने के लिये टी ट्री ऑइल की 4 से 6 बूंद ले कर नहाने के पानी में मिक्स करें। यही नहीं आप चाहें तो इसे एलोवेरा जेल के साथ मिक्स कर के अपने प्राइवेट पार्ट में लगा सकती हैं। उसके थोड़ी देर के बाद जब वह सूख जाए तब धो लें।
नीम में ढेर सारे औषधीय गुण होते हैं। यह एंटी फंगल होती है जो शरीर में पनप रहे संक्रमण को रोकने के लिये जानी जाती है। प्रयोग करने के लिये नीम की कुछ पत्तियों को अपने नहाने के पानी में मिलाएं और इससे नहाएं। या फिर नीम की पत्तियों को पानी में 10 मिनट के लिए उबाल लें। जब पानी ठंडा हो जाए फिर इसी पानी से अपने गुप्त अंग को धोएं।
-
बेकिंग सोडा यीस्ट इंफेक्शन के साथ-साथ खुजली का इलाज भी कर सकता है। 2014 के एक अध्ययन में पाया गया कि बेकिंग सोडा कैंडिडा सेल्स को खत्म कर सकता है। ये वो सेल्स होती हैं जो यीस्ट इंफेक्शन का कारण बनती हैं। यदि आप खुजली से परेशान हैं तो रोज 1/4 से 2 कप बेकिंग सोडा को नहाने के पानी में डालें। और कम से कम 20 से 30 मिनट तक उसी पानी में रहें। इसके अलावा आप इसका पेस्ट भी बना सकती हैं और स्किन पर लगा सकती हैं।
-
बहुत से लोग मानते हैं कि नहाने के पानी में अगर एप्पल साइडर सिरका मिला लिया जाए तो यीस्ट इंफेक्शन काफी हद तक ठीक हो सकता है। यह खुजली वाली त्वचा के लिए एक आम घरेलू उपाय भी है। एप्पल साइडर वेनिगर में एंटी बैक्टेरियल और एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। इसे लगाने के लिये 2 चम्मच वेनिगर को 1 गिलास पानी में मिला कर उससे अपने प्राइवेट पार्ट धोएं।
-
आमतौर पर, दर्द और खुजली 3-4 दिनों के बाद अपने आप दूर हो जाती है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। यहां कुछ चीजें बताई जा रही हैं, जिन्हें आप आजमा सकती हैं...
अपना पुराना रेजर फेक कर नया खरीदेंसूती कपड़े पहनें।अपनी योनि को साफ करने के लिए बहुत कठोर साबुन का प्रयोग न करें बहुत सारा पानी पियेंपीरियड्स के दौरान साफ सफाई अपनाएं। पैड्स को हर चार घंटे में बदलें जिम या स्विमिंग के बाद तुरंत कपड़ों को बदलें
ठंडी सिकाई
साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर उसे पेट पर लगाएं। इससे खुजली कम होती है। आप ओटमील बाथ या बेकिंग सोडा बाथ में भी ठंडे पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं।
पेट पर खुजली कैसे रोकें
हो सकता है कि प्रेगनेंसी में पेट पर खुजली होने को आप न रोक सकें, लेकिन कुछ तरीकों से आप इसे कम और बढ़ने से जरूर रोक सकती हैं।
गर्म पानी से नहाने से बचें क्योंकि इससे खुजली शुरू हो सकती है। इसकी जगह गुनगुने पानी से नहाना शुरू करें।
तेज खुशबू वाले साबुन और जेल न लगाएं क्योंकि ये स्किन को ड्राई कर देते हैं। ऐसे जेल और साबुन का इस्तेमाल करें जिसमें केमिकल्स कम हों।
साफ और सूखे सूती कपड़े पहनें। टाइट और गीले कपड़े पहनने से स्किन पर रूखापन और खुजली हो सकती है।
गर्म मौसम और धूप में न रहें क्योंकि इससे स्किन ड्राई हो सकती है और फिर खुजली शुरू हो सकती है। सूर्य की यूवी किरणों से भी ड्राई स्किन पर रैशेज बढ़ सकते हैं।
ज्यादा लंबे समय तक एसी में रहने से बचें क्योंकि इससे स्किन ड्राई भी हो सकती है और फिर खुजली और जलन शुरू हो सकती है।
प्रेगनेंसी में पेट में खुजली क्यों होती है?