पेल्विक गर्डल पेन पहली तिमाही में भी शुरु हो सकता है, मगर गर्भावस्था के बाद के चरण में यह अधिक आम है। यदि यह दर्द गर्भावस्था के अंतिम दिनों में ही दर्द महसूस हो, तो इसका कारण शिशु के सिर का नीचे की तरफ आना या नीचे आपके श्रोणि क्षेत्र में आ जाना हो सकता है।
क्या होता है पेल्विक गर्डल पेन (पीजीपी)-
यह दर्द श्रोणि के आगे के भाग से लेकर पिछले भाग में हो सकता है। साथ ही यह कूल्हों, कमर, पेट के निचले हिस्से, जांघों और योनी क्षेत्र में हो सकता है। यह दर्द हल्का या तेज किसी भी तरह का हो सकता है। इससे चलना-फिरना और रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है। यह दर्द गर्भावस्था के दौरान या फिर डिलीवरी से दो-चार हफ्ते पहले शिशु के पेल्विक क्षेत्र में आ जाने से होता है। कुछ मामलों में यह डिलीवरी के बाद भी रहता है।
गर्भावस्था में पीजीपी कब विकसित होता है-
* अमूमन यह दर्द गर्भावस्था के शुरुआत (पहली तिमाही) में या फिर डिलीवरी से कुछ दिन पहले महसूस होता है।
* इसके अलावा, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में जब शिशु का सिर पेल्विक एरिया की ओर हो जाता है, तब भी यह दर्द होता है।
* यह दर्द डिलीवरी के बाद भी रह सकता है ।
* अगर आपको पहली गर्भावस्था में यह दर्द रहा है, तो दूसरी गर्भावस्था के दौरान भी यह दर्द होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, अगर आपने पहली बार में इसका उपचार ठीक तरह से करवाया था, तो दूसरी बार में यह दर्द सहनीय होगा।
प्रेगनेंसी में पेल्विक दर्द कब शुरू होता है?