क्या गर्भावस्था के दौरान हाथों और पैरों में मेहंदी लगाना सुरक्षित है?
गर्भावस्था के दौरान बिना कोई रसायन मिली प्राकृतिक मेहंदी त्वचा पर लगाना सुरक्षित है।
इस प्रकार की मेहंदी आमतौर पर संतरी-नारंगी या भूरा रंग देती है। बालों को रंगने के लिए रासायनिक डाई के स्थान पर अक्सर इसके इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। साथ ही, करवा चौथ, दिवाली, ईद या तीज जैसे त्यौहारों में हाथों और पैरों को सजाने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। मेहंदी शादियों का भी एक मुख्य हिस्सा होती हैं। यदि आप अपनी गोद भराई के अवसर पर मेंहदी लगाना चाहती हैं, तो आप बेफिक्र होकर ऐसा कर सकती हैं, बशर्ते आप प्राकृतिक मेहंदी का इस्तेमाल करें।
हाथों को सजाने और बालों को रंगने के लिए जो मेहंदी आमतौर पर इस्तेमाल की जाती है, तो लाल या भूरी मेहंदी और काली मेहंदी होती है।
काली मेहंदी गहरा रंग देती है, जो लगभग काला ही होता है। मगर, काली मेहंदी में अक्सर पैरा-फेनाइलीनडायमीन (पीपीडी) नामक डाई होती है, जो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। पीपीडी से त्वचाशोथ (डर्मटाइटिस) और एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती हैं, खासकर कि गर्भावस्था के दौरान, क्योंकि तब आपकी त्वचा अधिक संवेदनशील हो जाती है।
बालों को रंगने वाली डाई में पीपीडी का इस्तेमाल अक्सर सुरक्षित माना गया है। मगर, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे कई देशों में इसका इस्तेमाल त्वचा पर सीधे लगाए जाने वाले उत्पादों में करना गैर कानूनी माना गया है।
प्राकृतिक काली महेंदी भी उपलब्ध है और इसे मेहंदी पाउडर और इंडिगो पौधे के पाउडर को मिलाकर बनाया जाता है। यह एक सुरक्षित विकल्प है और इसका रंग केवल मेहंदी लगाने की बजाय ज्यादा गहरा होता है।
पीपीडी युक्त काली मेहंदी के इस्तेमाल से आपको निम्नांकित में से कोई भी लक्षण महसूस हो सकते हैं, जैसे कि:
जलन का अहसास
मेहंदी लगाई जाने वाली जगह का लाल पड़ जाना
छाले
उभरे हुए जख्म
त्वचा के रंग या रंजकता को नुकसान
सूरज की रोशनी से अत्याधिक संवेदनशीलता
स्थाई दाग
पीपीडी युक्त मेहंदी का इस्तेमाल आपकी त्वचा को पीपीडी युक्त अन्य उत्पादों के प्रति भी अधिक संवेदनशील बना सकता है। इसका मतलब यह है कि आगे चलकर आपको पीपीडी युक्त अन्य उत्पादों जैसे कि बालों की डाई आदि के प्रति प्रतिक्रिया होने का ज्यादा खतरा हो सकता है।
भारत में मेहंदी उत्पादों का उत्पादन और बिक्री अविनियमित है। इसलिए बाजार में मेहंदी उत्पादों के लिए कोई मानक तय नहीं हैं। प्राकृतिक बताकर बेची जाने वाली मेहंदी में भी पीपीडी हो सकती है। आप क्या इस्तेमाल कर रही हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसे नामी ब्रांड की हिना खरीदें, जो अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हो।
सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर है कि आप मेहंदी पाउडर बाजार से खरीदकर, घर पर ही उसका पेस्ट बनाएं और अपने हाथों और पैरों को सजाने में इस्तेमाल करें। प्राकृतिक मेहंदी पाउडर को इंडिगो पौधे के पाउडर के साथ मिलाने पर भी यह हरा रंग देता है। मेहंदी पाउडर जो भूरा या काला हो उसमें पीपीडी होता है।
आप नीचे दी गई सामग्रियों के इस्तेमाल से अपनी जरुरत के अनुसार पेस्ट बना सकती हैं:
कड़क काली चाय या कॉफी का काढ़ा
नींबू का रस
चुटकी भर चीनी
पिसी हुई लौंग
इस पेस्ट को रातभर लोहे के बर्तन में रखने से अधिक गहरा रंग चढ़ता है।
एक बार पेस्ट तैयार होने के बाद, आप अपनी किसी मित्र या मेहंदी लगाने वाले को बुलाकर अपने हाथों व पैरों में मेहंदी लगवा सकती हैं। अक्सर त्यौहारों से ठीक पहले सड़क किनारे बैठने वाले मेहंदी वाले आपके कोन से ही मेहंदी लगाने के लिए राजी हो जाते हैं।
मेहंदी लगवाने के दौरान लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से आप बेचैनी महसूस कर सकती हैं, खासकर अगर आपका पेट ज्यादा बढ़ा हुआ है तो। यदि, अगर, आपको चक्कर आए या फिर सांस लेने में तकलीफ हो, तो रुक कर कुछ देर आराम करें।
अगर, आपको मेहंदी की महक से मिचली महसूस हो, तो केवल छोटा और साधारण सा डिजाइन ही बनवाएं, जो जल्दी बने और जिसमें ज्यादा मेहंदी का उपयोग भी न हो।
मेहंदी का लेप काफी ठंडा होता है और इससे आपके सिर या हाथों में ठंडक महसूस हो सकती है। इसलिए गर्मियों में यह काफी अच्छा लग सकता है, मगर सर्दियों में इससे असहजता हो सकती है।
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