प्रेगनेंसी में समोसा बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए. दरअसल, प्रेगनेंसी में महिलाओं के इम्युन सिस्टम में कई तरह के बदलाव आते हैं. ऐसे में ये बदलाव शिशु के विकास के लिए जरूरी होते हैं
प्रेगनेंसी में समोसा खाने से शिशु पर क्या असर पड़ता है?
समोसे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है और प्रेगनेंसी में तो महिलाओं का चटपटा खाने का बहुत ही मन करता है इसलिए समोसा भी उन्हें खूब लुभाता है। हालांकि, प्रेगनेंट महिलाओं को ये पता नहीं होता कि गर्भावस्था में समोसा खाना चाहिए या नहीं।आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में समोसा खा सकते हैं या नहीं और गर्भावस्था में समोसा खाने के फायदे और नुकसान क्या हैं।
प्रेगनेंसी में समोसा खा सकते हैं?
डॉक्टरों की मानें तो गर्भावस्था के दौरान समोसा खाने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय महिलाओं के इम्यून सिस्टम में कई बदलाव आते हैं जो शिशु के विकास के लिए जरूरी होते हैं। समोसा खाने से फूड इंफेक्शन या स्टमक बग का खतरा रहता है।
सीने में जलन
एक तिहाई महिलाओं को प्रेगनेंसी में हार्ट बर्न की शिकायत रहती है। समोसा खाने से यह दिक्कत और बढ़ सकती है। आमतौर पर गर्भावस्था की पहली तिमाही और दूसरी तिमाही में एसिडिटी शुरू होती है और ये पूरे नौ महीने तक रह सकती है।
इसका प्रमुख कारण पेट के एसिड के भोजन नली में पहुंचना होता है। समोसे जैसे स्नैक्स खाने की वजह से भी ऐसा हो सकता है। समोसे में कोलेस्ट्रोल और ट्रांस फैट भी होता है जिसकी वजह से प्रेगनेंसी में समोसा खाने से मना किया जाता है।
कब्ज का कारण
समोसा खाने से होने वाली प्रमुख समस्याओं में से एक प्रेगनेंसी में कब्ज होना भी है। समोसा पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। समोसे की वजह से फूड पॉइजनिंग भी हो सकती है।
समोसे के हेल्दी विकल्प
अगर आपको प्रेगनेंसी में क्रेविंग हो रही है तो समोसे जैसी गैर-पौष्टिक चीजें खाने की बजाय एक कटोरी दही, सूखे मेवे, ग्रैनोला बार, फल, छोले, अंडे, स्मूदी, खजूर, डार्क चॉकलेट आदि खा सकती हैं। ये स्नैक्स के हेलदी विकल्प हैं और प्रेगनेंसी में आप इन्हें बिना किसी डर के खा सकती हैं।
प्रेगनेंसी में समोसा खा सकते हैं क्या?