प्रेग्नेंसी में कम हुआ ये हार्मोन, तो नौ महीने से पहले ही जाएगी डिलीवरी? क्या कहती हैं गायनेकोलॉजिस्ट
कई महिलाओं की प्रेग्नेंसी के नौ महीने आराम से निकल जाते हैं तो कुछ हाई प्रेग्नेंसी रिस्क में आती हैं। कुछ महिलाओं में प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा भी रहता है। कई बार इस जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर प्रोजेस्टेरोन शॉट्स लिखते हैं।
कंसीव करने से लेकर पूरी प्रेग्नेंसी तक, हार्मोंस अहम भूमिका निभाते हैं। आप आसानी से कंसीव कर पाएंगी या नहीं या प्रेग्नेंसी के दौरान कहीं कोई कॉम्प्लिकेशन न आ जाए, ये सब चीजें काफी हद तक शरीर में हार्मोंस के स्तर पर निर्भर करता है।कई बार बच्चा नौ महीने पूरे होने से पहले ही जन्म ले लेता है जिसे प्रीमैच्योर बेबी कहते हैं। इससे बचने के लिए अक्सर डॉक्टर प्रोजेस्टेरोन की खुराक लेने की सलाह दे सकते हैं। माना जाता है कि प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन लेने से प्रीमैच्योर डिलीवरी से बचाव होता है।इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि क्या सच में प्रोजेस्टेरोन लेने से गर्भ में बच्चा स्वस्थ रहता और डिलीवरी नौ महीने से पहले नहीं होती है।क्या है प्रोजेस्टेरोन
यह एक फीमेल हार्मोन है जो प्रेग्नेंसी के दौरान अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर के महत्वूपर्ण कायों को उत्तेजित करने में बढ़ावा देता है। ओवरी और एड्रेनल ग्रंथि इस हार्मोन को बनाते हैं जिससे कंसीव करने और प्रेग्नेंसी के लिए शरीर तैयार होता है।
यह हर महीने के मासिक धर्म को भी नियंत्रित करता है और यौन इच्छा को बढ़ाने में मदद करता है।
क्या प्रीमैच्योर डिलीवरी से बचा सकता है
प्रेग्नेंसी की शुरुआत में प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय के विकास में मदद करता है और गंभीर कॉन्ट्रैक्शन से बचाता है।
अगर आपको प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में बार-बार कॉन्ट्रैक्शन महसूस हो रही है तो इससे मिसकैरेज हो सकता है।
प्रेग्नेंसी के आगे के चरणों में प्रोजेस्टेरोन शॉट्स ब्रेस्ट मिल्क बनाने और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इससे फेफड़े भ्रूण तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं।
प्रोजेस्टेरोन शॉट्स
अगर आपका पहले मिसकैरेज या प्रीमैच्योर डिलीवरी हो चुकी है तो डॉक्टर आपको प्रोजेस्टेरोन शॉट्स लेने की सलाह दे सकते हैं। इससे प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
जुड़वा और तीन बच्चे होने पर हो सकता है कि डॉक्टर प्रोजेस्टेरोन ट्रीटमेंट की सलाह न दें।
क्या हैं प्रोजेस्टेरोन शॉट्स
इन्हें 17 अल्फा हाइड्रॉक्सी प्रोजेस्टेरोन कैपरोएट भी कहते हैं जो प्रीमैच्योर डिलीवरी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। अगर पहले भी प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई हो तो डॉक्टर इस प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन शॉट्स लिख सकते हैं।
कब लेने होते हैं शॉट्स
प्रोजेस्टेरोन शॉट्स 16 से 24वें हफ्ते में प्रीटर्म लेबर से बचाते हैं और आपको प्रेग्नेंसी के 37वें हफ्ते में पहुंचने तक हर हफ्ते एक शॉट लेना होता है।
गायनेकोलॉजिस्ट की राय
गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर अर्चना नरुला का कहना है कि प्रोजेस्टेरोन हार्मोन प्रीटर्म लेबर से बचाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान आपको डॉक्टर की सलाह से प्रोजेस्टेरोन लेना चाहिए।
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के क्या कार्य है?