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फुल टर्म प्रेगनेंसी क्या है?

Language: Hindi | Published: 12 Oct 2022 | Views: 5
फुल टर्म प्रेगनेंसी क्या है?
माना जाता है कि नौ महीने पूरे होने से पहले डिलीवरी हो जाए तो बच्‍चे का पूरा विकास नहीं हुआ होता है। वहीं, 36वें सप्‍ताह में शिशु का पैदा होना सही नहीं माना जाता है।
एक समय पर 37वें हफ्तों को गर्भस्‍थ शिशु के लिए फुल टर्म (मतलब कि गर्भ में शिशु का पूरा विकास हो चुका है) कहा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।डॉक्‍टरों ने जब इस विषय पर रिसर्च किया तो उन्‍होंने यह परिणाम निकाला कि इस समय डिलीवरी होने से दिक्‍कतें आ सकती हैं। 37वां सप्‍ताह शिशु के बाहर आने के लिए सही समय नहीं होता है और अभी कुछ और समय के लिए मां के गर्भ में रहना कई कारणों से उसके लिए जरूरी होता है।
फुल टर्म को समझें

कई बच्‍चे 37वें सप्‍ताह में दिक्‍कतों के साथ पैदा हुए थे। इसके परिणामस्‍वरूप अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्‍स्‍टेट्रिशियन एंड गायनेकोलोजिस्‍ट ने अपने अधिकारिक दिशा निर्देशों में बदलाव किए।अब 39 सप्‍ताह पूरे होने के बाद ही प्रेगनेंसी को फुल टर्म माना जाएगा। जो बच्‍चे 37 से 38 सप्‍ताह छह दिन के बीच पैदा हुए हैं, उन्‍हें अरली टर्म (यानी फुल टर्म से पहले पैदा होने वाले) कहा जाएगा।
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