गर्भपात के बाद सावधानियां क्यों है ज़रूरी ?
यदि कभी किसी महिला के साथ यह अनहोनी हो जाती है तो वह डिप्रेशन में चली जाती है। यह बिलकुल गलत है क्योंकि इसके कारण उनके शरीर पर काफी बुरा असर पड़ता है जो कि जानलेवा भी हो सकता है।
गर्भपात होने के कारण
महिला के शरीर में बदलते हार्मोन्स
गिरने या चोट लगने से
कोई सदमा या किसी तरह का तनाव
अधिक उम्र होना
डॉक्टर से समय पर जाँच न करवाना
किसी इन्फेक्शन के कारण
ठीक समय पर भोजन न करना
अधिक व्यायाम करना
अधिक सफ़र करना
असुरक्षित यौन क्रिया
गर्भपात के बाद की सावधानियां
सबसे पहले गर्भपात के लक्षण नज़र आने पर या महसूस होने पर तुरन्त अपने डॉक्टर से मिलें।
यदि पहली बार गर्भपात हुआ हो तो आपको काफी सावधानी रखनी पड़ेगी, इसलिए हर समय अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें।
गर्भपात होने के बाद डॉक्टर की बताई गई दवाई समय पर खाएं।
गर्भावस्था हो या गर्भपात तनाव को दूर रखें और साथ ही अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें।
गर्भपात होने के बाद महिला को 15 से 30 दिन तक पूरा आराम करना चाहिए।
एक महीने तक शारीरिक संबंध न बनाए।
इस समय महिला का भाव बदलता रहता है तो साथी उनका सहारा बने।
यदि अधिक बुखार हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
पीठ दर्द होने पर आराम करें। अगर तकलीफ ज्यादा बढ़ जाए तो डॉक्टर से जाँच करवाए।
यदि प्रेग्नेंसी प्रतिक्रियाएं महसूस हो जैसे- मतली, ब्लीडिंग, सूजन आदि हो तो डॉक्टर से सलाह लें। यह किसी तरह का इन्फेक्शन हो सकता है।
गर्भपात के बाद क्या न खाए
जंक फ़ूड –
गर्भपात के बाद किसी भी महिला को जंक फ़ूड नहीं खाना चाहिए। इस समय महिला के शरीर को सबसे अधिक विटामिन और प्रोटीन की आवश्यकता होती है। जो घर के पोष्टिक आहार से मिलता है।
सोया –
सोया वैसे तो सेहत के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है लेकिन किसी महिला का गर्भपात हुआ तो उसके लिए यह हानिकारक होता है।
डिब्बाबंद –
ऐसे समय में किसी भी तरह का डिब्बाबंद खाना हानिकारक होता है। कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन युक्त भोजन करें।
फ्रोजेन फ़ूड –
जब तक आप पूर्ण रूप से ठीक नहीं हो जाती तब तक ठंडी चीजों के सेवन से बचें।
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