प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में डिलीवरी के बाद उसके शरीर को वापस सामान्य स्थिति में लौटने के लिए कुछ समय की जरूरत होती है. वैसे तो डिलीवरी के बाद के छह महीने तक ही हर महिला की खास देखभाल की जानी चाहिए, लेकिन शुरुआती 40 दिनों में उसके शरीर को विशेष रूप से देखरेख की जरूरत होती है. इन 40 दिनों के दौरान महिला को खाने में भी कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए ताकि उसका और उसके बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहे.
1- ऐसा भोजन जिसे पचने में समय लगता हो या गैस की समस्या होती हो, उसे बिल्कुल न खाएं. इस दौरान चने, उड़द और अरहर की दाल से परहेज करें. मूंग की दाल खाएं.
2- कच्चे केले, मीट, आलू, बेकरी प्रोडक्ट्स, मैदा, फूल गोभी, पत्तेदार गोभी, ब्रोकली और मूंगफली वगैरह भी गैस बनाती हैं. इनसे परहेज करें. तीखा और मसालेदार खाना न खाएं. शुरुआती दिनों में कच्चे आम या नींबू के सेवन से बचें.
3- खाने में अत्याधिक तेल से बचें. कम तेल वाला खाना खाएं. जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा या अन्य बाहरी चीजों से पूरी तरह परहेज करें. देसी घी का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. लेकिन अगर बच्चा सिजेरियन है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं.
4- सिरगेट, शराब का सेवन बिल्कुल न करें. चाय, कॉफी से परहेज करें. किसी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श करें. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न खाएं.
शरीर को आराम दें
शुरुआती 40 दिनों में महिला को पूरी तरह आराम करना चाहिए. 40 दिन का समय इसलिए निर्धारित किया गया है क्योंकि तब तक महिला का शरीर काफी हद तक रिकवर हो जाता है. ऐसा नहीं कि इस बीच आराम का मतलब हर वक्त लेटे रहना है. डिलीवरी के बाद पहले सप्ताह में तो बिस्तर पर ही पूरी तरह आराम करें. दूसरे सप्ताह में शिशु के थोड़े बहुत काम करना शुरू करें. अअगर तीन सप्ताह बाद आप कुछ बेहतर महसूस कर रही हैं तो हल्के फुल्के काम शुरू कर सकती हैं. लेकिन कोई वजनदार चीज न उठाएं और न ही कोई ऐसा काम करें जिसका खामियाजा आगे चलकर आपके शरीर को उठाना पड़े.
बच्चा होने के बाद माँ को क्या खाना चाहिए?