दिमाग का विकास न होने पर बच्चे को हो सकती है मानसिक बीमारी, जानिए इसे ठीक करने के नेचुरल नुस्खे
अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) एक ऐसा मानसिक विकार है जो सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करता है। इसके मरीजों के दिमाग का विकास सामान्य व्यक्ति की तुलना में या तो धीरे होता है या ठीक से नहीं हो पाता।
इस डिसऑर्डर से पीड़ित बच्चे कोई भी काम करते समय अपना ध्यान खो देते हैं और अपनी ही दुनिया में गुम हो जाते हैं। ADHD के प्रति जागरूक न होने के कारण ऐसे बच्चों के पैरेंट्स इन लक्षणों को समझ नहीं पाते। वे बच्चे को शरारती या कमजोर समझकर इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं।
बच्चों में ADHD के मुख्य लक्षण
अपने ख्यालों में खो जाना
चीजें भूलना
ज्यादा बोलना या बिलकुल न बोलना
लापरवाह गलतियां करना
जोखिम उठाना
फुसफुसाना
दूसरों से बात करने या मिलने में परेशानी
खतरे का आभास न होना
ध्यान न लगना और मन विचलित होना
शांत वातावरण में स्थिर बैठने में दिक्कत होना
ज्यादा शारीरिक हलचल
ADHD होने के मुख्य कारण
प्रेग्नेंसी के समय दिमाग का विकास न होना ADHD का मुख्य कारण है।
दिमाग में चोट
प्रेग्नेंसी के समय दिमाग का विकास न होना
जन्म के समय कम वजन
समय से पहले जन्म होना
बच्चे को मिर्गी के दौरे आना
परिवार में किसी को ADHD होना
प्रेग्नेंसी के दौरान तंबाकू या शराब का सेवन
ADHD के मरीजों को जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी
OnlyMyHealth से बात करते हुए डॉ. तनु चौधरी ने बताया कि ADHD से 13 साल से कम उम्र के करीब 7-8% बच्चे प्रभावित होते हैं। इस डिसऑर्डर का कोई परमानेंट इलाज नहीं है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव लाकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
बच्चों में ADHD को ठीक करने के घरेलू नुस्खे
बच्चों की नींद का ख्याल रखें। नींद पूरी न होने से उनके दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है।
बच्चों को मोबाइल फोन एडिक्शन से बचाएं।
उन्हें बाहरी खेलों के साथ घर में भी खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। फिजिकल गेम्स के साथ मेंटल गेम्स खिलाएं। इससे उनके दिमाग की एक्सरसाइज होगी।
बच्चों को पोषण से भरपूर भोजन दें। ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक, आयरन, विटामिन D की कमी को पूरा करें।
बच्चों को कैफीन यानी चाय और कॉफी से दूर रखें।
आपके बच्चे में जिन फूड्स से ADHD ट्रिगर होता है, उन्हें न खिलाएं।
बच्चे पर गुस्सा न करें। उन्हें शांत मन से चीजें समझाने की कोशिश करें।
बच्चे का दिमाग कमजोर हो तो क्या करना चाहिए?