जन्म के समय शिशु का वजन बहुत मायने रखता है। इस समय वजन कम या ज्यादा होने से कोई प्रॉब्लम हो सकती है।
जन्म के तुरंत बाद बच्चे का वजन चैक किया जाता है। इससे डॉक्टर को बच्चे की सेहत और डेवलपमेंट के बारे में पता चलता है। जन्म के समय बच्चों के सही वजन को जानने के लिए एक स्केल बनाया गया है। जिन बच्चों का वजन इसके बीच में आता है, उन्हें हेल्दी माना जाता है।
जन्म के समय शिशु का नॉर्मल वेट 2.5 से 3.5 किलो के बीच होना चाहिए। नौ महीने यानि फुल टर्म में पैदा हुए 80 पर्सेंट बच्चों का वजन इतना ही होता है।
इससे कम या ज्यादा वजन वाले बच्चे नॉर्मल होते हैं लेकिन डिलीवरी के बाद नर्स और डॉक्टर को बारीकी से यह देखना होता है कि इन बच्चों में कहीं कोई प्रॉब्लम तो नहीं है।
ऐसी कई चीजें हैं जो शिशु के वजन को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें प्रेग्नेंसी के महीने भी महत्वूपर्ण होते हैं। ड्यू डेट के आसपास या इसके बाद पैदा हुए बच्चों के इससे पहले पैदा होने वाले बच्चों की तुलना में साइज बड़ा ही देखा जाता है।
बच्चे के जन्म का वजन क्या निर्धारित करता है?