बच्चे को सुला कर दूध पिलाने से क्या होता है-
दरअसल लेटकर दूध पिलाने से बच्चे के फेफड़ों में दूध जाने की संभावना काफी अधिक होती है। यह शिशुओं के लिए घातक हो सकता है इसलिए, लेटकर स्तनपान की सलाह बहुत ज्यादा नहीं की जाती है।'' इस स्थिति में दूध पिलाने की सलाह केवल उन माताओं को दी जाती है, जिनकी 24 घंटों के अंदर सी-सेक्शन सर्जरी हुई।
नवजात शिशु को लेट कर मां का दूध पिलाना उसके आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। इस दौरान मां व बच्चों के बीच सहीं एंगिल नहीं होने से नवजात के नाक में दूध चला जाता है। जो नाक में बनी आंशू की थैली में इकठ्ठा हो जाता है। आंखों से लगातार पानी गिरने लगता है।
इससे नवजात की आंखे लाल हो जाती है और वह न्यूनेटल कंजिक्टवाइटीस के शिकार हो जाते है।
बच्चे को सुला कर दूध पिलाने से क्या होता है?