मेडिकल में इसका इलाज कुछ दवाओं या सर्जरी के जरिए किया जाता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर रेखा राधामणि का मानना है कि आयुर्वेद में बच्चेदानी में गांठ का इलाज मौजूद है और आपको बिना दवाओं या सर्जरी के बिना भी आराम मिल सकता है। हालांकि कई महिलाएं की गांठ बड़ी हो सकती है, जिसके लिए सर्जरी एकमात्र विकल्प है।
अगर गर्भाशय फाइब्रॉइड का आकार बड़ा हो चुका है तो डॉक्टर्स इसका इलाज या तो दवाइयां दे कर करते हैं या फिर दूरबीन वाली (Hysteroscopy/Laparoscopy) सर्जरी द्वारा। भले ही यूट्रस में कोई फायब्रॉइड छोटा सा हो, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान वह भी गर्भ की तरह ही बढने लगता है। शुरुआती महीनों में इसकी ग्रोथ ज्यादा तेजी से होती है।फाइब्रॉइड यानी बच्चेदानी में गांठ का इलाज पहले केवल सर्जरी के जरिये ही किया जा सकता था। अब इसे दवा के प्रयोग से भी ठीक किया जा सकता है।
इसके लक्षणों में मासिक धर्म की अनियमितता, बालों की अधिकता, खान पान और मोटापा,मासिक अनियमित माहवारी, असामान्य मासिक धर्म, छोटा और हल्का मासिक धर्म, माहवारी न आना, या माहवारी में ज़्यादा रिसाव है।
बच्चे दानी में गांठ का इलाज?