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बच्चे नींद में क्यों चमकते हैं?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 22
बच्चे नींद में क्यों चमकते हैं?
बच्चे नींद में क्यों मुस्कुराते हैं, क्या उन्हें सपना आता है या पूर्व जन्म की बातें याद आती हैं? जानकर होंगे हैरान
छोटे बच्चे नींद में अक्सर मुस्कुराते हैं और कभी-कभी जोर से हंसते हैं, क्या उन्हें कोई अच्छा सपना आता है या पूर्व जन्म की बातें याद आती हैं? इसके पीछे की वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
आपने कभी सोचा है कि सोते वक्त बच्चे क्यों कभी-कभी जोर से हंसते हैं या मुस्कुराते हैं? क्या उन्हें भी कोई अच्छा सपना दिखाई देता है या पूर्व जन्म की बातें याद आती हैं? अक्सर हम यही सुनते आए हैं कि पूर्व जन्म की बातें याद कर बच्चे नींद में मुस्कुराते हैं.

नवजात बच्चों द्वारा नींद में मुस्कुराना बहुत ही आम बात है. कुछ स्टडीज के मुताबिक कहा जाता है कि बच्चे की मुस्कान खुशी जैसी किसी अच्छी भावना का प्रतीक होती है, जबकि स्टडीज के मुताबिक कहा जाता है कि ये मुस्कान किसी वास्तविक एक्सप्रेशन के बजाय सिर्फ एक रिफ्लेक्स होता है.

नींद में क्यों मुस्कुराते हैं बच्चे

नवजात शिशु किसी बाहरी स्टिमुलेशन के कारण नहीं मुस्कुराते हैं, वे किसी विशेष दिमागी मूवमेंट की वजह से नींद में हंसते हैं. रैपिड आई मूवमेंट (आरईएम) की वजह से सपने देखते हैं और अपने सपने की प्रतिकिया में बच्चे मुस्कुराते हैं.

इंसानों में दो तरह की स्लीप साइकिल होती है – एक REM यानी रैपिड आई मूवमेंट और दूसरी NREM यानी नॉन रैपिड आई मूवमेंट. बॉडी हर रात इन स्टेज से गुजरती है, जिससे आपको धीरे-धीरे नींद का अनुभव होने लगता है.

NREM स्टेज नींद की पहली स्टेज होती है जिसमें बॉडी रिलेक्स करने लगती है.आपकी सांसे धीरे होती जाती है और धीरे धीरे इंसान नींद में चला जाता है
दूसरी स्टेज में सांसे, पल्स रेट और आपकी मसल्स रिलेक्स होती है. साथ ही आपके दिमाग में गतिविधियां और ब्रेन वेव्स भी कम होने लगती हैं.
इसके बाद REM स्टेज शुरू होती है. जो सोने के लगभग एक से आधे घंटे के बाद होती है. तभी जाकर आप सपने देखना शुरू करते हैं. इस अवस्था में पलकों का हिलना-डुलना शुरू हो जाता है, दिमाग और दिल की धड़कन बढ़ जाती है, लेकिन इस समय आपके हाथ पैर नहीं हिलते हैं.

बच्चों की नींद भावनात्मक विकास से भी जुड़ी होती है

रिसर्च के मुताबिक नवजात बच्चों में यही नींद की साइकिल आरईएम स्टेज से शुरू होती है. आमतौर पर बच्चे दिन में 16 से 18 घंटे सोते हैं. क्योंकि उनमें स्लीप वेक साईकल यानी सोने जागने का कोई रुटीन नहीं होता हैऔर क्योंकि नवजात शिशु अधिक आरईएम नींद का अनुभव करते हैं, इसलिए इन्वॉलन्टरी मूवमेंट्स के रिफ्लेक्स के रूप में बच्चे ज्यादा मुस्कुराते हैं.

इसके अलावा नवजात शिशुओं में भावनाओं का विकास जैसे नींद से जागने पर शिशु नई आवाजें सुनता है और कई चीजें देखता है. इसलिए बच्चे के आसपास जो कुछ भी होता है दिमाग में उसकी जान‍कारियां रिकॉर्ड हो सकती हैं जो नींद के दौरान प्रोसेस होने लगती हैं. बच्चे इस तरह के इमोशंस डेवलप होने पर भी मुस्कुराते हैं.

वजह जानकर होंगे हैरान

ये जानकर आपको हैरानी होगी कि नींद में बच्चे गैस पास करने पर भी मुस्कुराते हैं. क्योंकि गैस पास करने से उनको आराम मिलता है और अच्छा महसूस होता है.

कभी-कभी हो सकती है दिक्कत, डॉकटर से करें संपर्क

कुछ मामलों में बच्चें दौरे पड़ने की वजह से भी नींद में हंसने लगते हैं.अगर आपको बच्‍चे के वजन में कमी, सोते समय दिक्कत होना, दौरे पड़ना, बेवजह हंसने जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. ऐसा कुछ ही केसेस में होता है.
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