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बच्चे में जान कब पड़ती है?

Language: Hindi | Published: 07 Aug 2018 | Views: 10
बच्चे में जान कब पड़ती है?
मैं अपने शिशु के दिल की धड़कन पहली बार कब सुन सकती हूं?
महिला अपने पेट की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए
शिशु का दिल छह सप्ताह की गर्भावस्था के आसपास धड़कना शुरु हो जाता है। इसलिए, यदि आपका पहला अल्ट्रासाउंड स्कैन छह सप्ताह की गर्भावस्था में हो, तो आप शायद अपने शिशु की धड़कन सुन पाएं।

अगर आप छह सप्ताह पर होने वाला स्कैन न करा पाएं, तो आप शायद डॉक्टर के साथ अगले अप्वाइंटमेंट में डॉप्लर की सहायता से शिशु की धड़कन सुन सकेंगी।

यदि आप डॉक्टर को कुछ समय बाद दिखाएं, तो शायद आपका पहला स्कैन आठ या नौ सप्ताह की गर्भावस्था के आसपास होगा। यह संभवतया डेटिंग और वायबिलिटी स्कैन होगा, जो कि छह से नौ सप्ताह की गर्भावस्था के बीच कराया जाता है। इस चरण पर आपके शिशु का दिल 120 से 180 धड़कन प्रति मिनट की दर से धड़क रहा होता है। यानि कि आपकी हृदय गति से भी दोगुना तेज!

गर्भावस्था के शुरुआती चरण में संभवतया ट्रांसवेजाइनल स्कैन टी.वी.एस. किया जाएगा, जिसमें शायद आप अपने शिशु की धड़कन को देख पाएंगी।

अगर आपका डेटिंग और वायबिलिटी स्कैन नहीं हो पाता और आप डॉक्टर के साथ चेक-अप के दौरान भी डॉप्लर की सहायता से शिशु की धड़कन नहीं सुन पाती हैं, तो शायद इसके बाद आप न्यूकल ट्रांसलुसेंसी (एनटी) स्कैन में ही शिशु की धड़कन सुन पाएंगी।

एनटी स्कैन 11 और 13 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच किया जाता है। ध्यान रखें कि शिशु की धड़कन को अधिकांशत: 11 से 13 सप्ताह के बीच ही सुन पाना ज्यादा आम है।

14 से 16 सप्ताह के बाद हर प्रसवपूर्व चेक-अप के दौरान डॉक्टर डॉप्लर या स्टेथोस्कोप की मदद से नियमित रूप से शिशु की धड़कन की जांच करेंगी।

फीटल डॉप्लर हाथ से चलाने वाला अल्ट्रासाउंड उपकरण होता है, जिसका इस्तेमाल शिशु की धड़कन का पता लगाने के लिए किया जाता है।

अल्ट्रासाउंड डॉक्टर इस पर अल्ट्रासाउंड जैल लगाएंगी और आपके पेट पर चारों तरफ घुमाएंगी। डॉक्टर इसे तब तक घुमाएंगी जब तक कि उन्हें वह स्थान नहीं मिल जाए, जहां पर शिशु की दिल की धड़कन पता चल रही हो।

डॉप्लर ध्वनि तरंगों को भेजता और प्राप्त करता है, जो कि शिशु के हृदय को छूकर वापिस आती हैं। इसके बाद यह उन्हें प्रोसेस (संसाधित) करता है और आवाज में बढ़ोतरी करता है, ताकि आप धड़कन को सुन सकें।

अधिकांश महिलाएं कहती हैं कि शिशु के दिल का धड़कना ऐसा सुनाई देता है जैसे कि दौड़ते हुए घोड़ों की तेज आवाज। पहली बार अपने शिशु की धड़कन सुनना काफी रोमांचक और मार्मिक अवसर हो सकता है।

ध्यान रखें कि दूसरी तिमाही में भी, शिशु की धड़कन को सफलतापूर्वक ढूंढ़ पाना निम्न बातों पर निर्भर करेगा:
गर्भाशय में शिशु की स्थिति

आपका वजन
आपके प्रसव की नियत तिथि की सटीकता
आपका शिशु कितना ज्यादा हिल-डुल रहा है और क्रियाशील है। यदि शिशु गर्भ में बहुत ज्यादा हिल-डुल रहा हो, तो डॉक्टर को भी उसे पकड़ने के लिए पेट के चारों तरफ बार-बार उपकरण घुमाना पड़ सकता है।

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