1 एब्डोमीनल हिस्टेरेक्टोमी (Abdominal Hysterectomy)
इस प्रकार के ऑपरेशन में पेट के नीचे 5 इंच लंबा चीरा लगाया जाता है. फिर पेट की मांसपेशियों, रक्त वाहिकाओं व अन्य अंग को ध्यान से हटाकर गर्भाशय को अपनी जगह पर रखने वाले लिंगामेंट्स को काटकर गर्भाशय को अलग किया जाता है. फिर मांसपेशियों व अन्य अंगों को पहले की तरह लगाकर चीरा को सर्जिकल धागे से टाँक दिया जाता है.
2 वेजाइनल हिस्टेरेक्टोमी (Vaginal Hysterectomy)
इस ऑपरेशन में पेट में कोई सर्जिकल चीरा नहीं काटा जाता जाता है बल्कि योनि के माध्यम से सर्जिकल उपकरण को अंदर डाला जाता है. फिर गर्भाशय को हटाकर योनि छिद्र के माध्यम से ही बाहर निकाला जाता है.
3 लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी (Laparoscopic Hysterectomy)
इस ऑपरेशन में पेट के त्वचा पर कई छोटे-छोटे चीरे काटे जाते हैं. इन्हीं चीरा के माध्यम से सर्जिकल उपकरण अंदर डाला जाता है व इन्हीं में से एक चीरा से लचीली ट्यूब से जुड़ा एक विडियो कैमरा (Laparoscope) डाला जाता है.
बच्चेदानी का ऑपरेशन कितने प्रकार का होता है?