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बच्चेदानी में क्या क्या बीमारी होती है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 15
बच्चेदानी में क्या क्या बीमारी होती है?
बच्चेदानी में घाव के कारण (Wound in Uterus Causes in Hindi)

गर्भाशय या बच्चेदानी में घाव की समस्या ज्यादातर मामलों में यौन संचारित संक्रमण (STI) के कारण होती है। इसके अलावा इस समस्या के लिए कई अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं। स्टार हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ विजय लक्ष्मी के मुताबिक बच्चेदानी में घाव की समस्या पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग की वजह से हुए इन्फेक्शन, गलत खानपान और जीवनशैली से जुड़े कारणों की वजह से भी हो सकती है। बच्चेदानी में घाव की समस्या के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

क्लैमाइडिया इन्फेक्शन की वजह से।
यूरियाप्लाज्मा नामक संक्रमण के कारण।
एलर्जी के कारण संक्रमण की वजह से घाव।
योनी में टैम्पोन की वजह से।
बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण।
प्रेगनेंसी के दौरान।
कैंसर या सर्वाइकल कैंसर की वजह से।
असुरक्षित यौन संबंध के कारण।

बच्चेदानी में घाव के लक्षण (Wound in Uterus in Hindi)

बच्चेदानी में घाव होने पर सबसे पहले महिला को ब्लीडिंग की समस्या होती है। इसके अलावा गंभीर दर्द, वेजाइना में खुजली की समस्या होना बच्चेदानी में घाव का लक्षण माना जाता है। बच्चेदानी में घाव होने पर दिखाई देने पर आपको ये लक्षण प्रमुखता से दिखाई दे सकते हैं।

1. वेजाइना में खुजली और जलन।
2. ब्लीडिंग की समस्या।
3. सेक्स के बाद गंभीर ब्लीडिंग।
4. बार-बार पेशाब आना।
5. पेशाब के दौरान गंभीर दर्द।
6. शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द।
7. पेट में गंभीर दर्द।
8. बुखार।

बच्चेदानी में घाव का इलाज और बचाव

गर्भाशय या बच्चेदानी में घाव की समस्या होने पर सबसे पहले डॉक्टर इसकी जांच करते हैं। ज्यादातर मामलों में यह समस्या यौन संचारित संक्रमण के कारण होती है। ऐसे में डॉक्टर सबसे पहले कारण का पता लगाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद डॉक्टर आपसे कुछ सवाल पूछ सकते हैं जो उन्हें यह समझने में मदद करता है कि यह समस्या किस कारण से शुरू हुई है। जिसके बाद वे संक्रमण को खत्म करने और घाव को ठीक करने के लिए कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन की सलाह दे सकते हैं। अगर यह समस्या आपको एसआईटी के कारण नहीं हुई है तो ऐसे में डॉक्टर इस समस्या में इलाज के दौरान संक्रमण को खत्म करने के लिए दवाएं देते हैं। इस समस्या में एंटीबायोटिक के अलावा एंटीफंगल और एंटीवायरल दवाएं इस्तेमाल की जाती हैं।

बच्चेदानी में घाव की समस्या में डॉक्टर आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। सबसे पहले आपको जब तक यह घाव ठीक न हो जाए शारीरिक संबंध नहीं बनाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा असामान्य रूप से ब्लीडिंग या वेजाइना में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करने से और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच के बाद इलाज लेने से यह समस्या जल्दी ठीक हो जाती है और सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
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