जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी आ रहीहै, उन्हें अंदाजा भी नहीं होता, कि उनके यूटरस या बच्चेदानी में कमजोरी है। गर्भाशय की मांसपेशियां शरीर में सबसे ज्यादा मजबूत होती हैं, फिर भी हमारी गलत जीवनशैली, खराब पोषण और गतिहीन आदतें बच्चेदानी को कमजोर बना देती हैं।
मानसिक स्वास्थ्य का सही न रहना या मानसिक कमजोरी
यूट्रस संबंधी कोई बीमारी भी बच्चेदानी के कमजोर होने का कारण बन सकती है।
प्रसव के बाद भी बच्चेदानी कमजोर हो सकती है।
बाहरी या अंदरूनी चोट के कारण
खानपान की गलत आदत या अस्त व्यस्त लाइफस्टाइल
बच्चेदानी में बच्चा क्यों नहीं रुकता है?