बच्चों को अंडे कब और कैसे खिलाएं व इसके फायदे
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका शिशु हमेशा स्वस्थ रहे। शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए माता-पिता उनके खानपान का पूरा ध्यान रखते हैं। आहार संबंधी ध्यान तब और ज्यादा बढ़ जाता है, जब बच्चे ठोस भोजन लेना शुरू कर देते हैं। ठोस आहार की जब बात आती है, तो इसमें कई सारे खाद्य पदार्थ आते हैं। ‘अंडा’ भी उन्हीं में से एक है। माता-पिता के लिए यह एक गंभीर सवाल हो सकता है कि क्या बच्चों के लिए अंडे सुरक्षित हैं? अगर हां, तो बच्चों को अंडा खिलाना कब से शुरू किया जा सकता है? इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए मॉमजंक्शन के इस लेख में बच्चों के लिए अंडे खाने से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई है।
आइए, सबसे पहले जानते हैं कि बच्चों को अंडे का सेवन कराना चाहिए या नहीं।
क्या अंडे बच्चों के लिए अच्छे हैं?
हां, बच्चों के लिए अंडा एक सुरक्षित आहार है। यह पोषक तत्वों से समृद्ध होता है, जो बच्चों को कई तरीके से फायदा पहुंचा सकता है (1) । बच्चों में इसके लाभ के बारे में आगे विस्तारपूर्वक बताया गया है। इसके अलावा, माता-पिता पहली बार अपने बच्चे को अंडे का सेवन कराने से पहले चिंतित हो सकते हैं। अंडे से त्वचा पर रैसेज, पाचन में समस्या और उल्टी का खतरा हो सकता है, लेकिन शिशु को अच्छी तरह से पकाए गए अंडे देने से ये खतरे कम हो सकते हैं (2)।
अब जानते हैं कि बच्चों को किस उम्र से अंडे खिलाना शुरू करना चाहिए।
आप बच्चे को खाने के लिए अंडे कब देना शुरू कर सकते हैं?
बच्चे को 6 महीने की उम्र से अंडे खिलाने की शुरूआत की जा सकती है। दरअसल, बच्चे को 6 महीने की उम्र से ठोस आहार का सेवन कराने की सलाह दी जाती है, जो कि बच्चे के विकास में सहायक भूमिका निभाते हैं (3)। यहां अंडा एक स्वस्थ विकल्प हो सकता। बच्चों में अंडे का सेवन प्रोटीन, विटामिन, मिनरल, फोलिक एसिड और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति का काम कर सकता है (1) (4) (5)। ये सभी पोषक तत्व बच्चे के विकास में मदद कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि अंडे अच्छे से उबालकर ही खिलाएं। अंडे में साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया हो सकते हैं। ऐसे में अगर अंडे सही तरीके से न पके हो तो उसके सेवन से बच्चे बीमार हो सकते हैं (6)। इसके साथ ही कच्चे अंडे के सफेद भाग में अविदिन (Avidin) नाम का प्रोटीन होता है जो अंडे में मौजूद बायोटिन को शरीर में अवशोषित नहीं होने देता है। ऐसे में बच्चे को अंडा अच्छी तरह से पकाकर ही देना चाहिए।
लेख के आगे के भाग में जानते हैं बच्चों के लिए अंडे के स्वास्थ्य लाभ क्या-क्या हो सकते हैं।
बच्चों के लिए अंडे के स्वास्थ्य लाभ
नीचे पढ़ें बच्चों के लिए अंडे किस प्रकार फायदेमंद हो सकते हैं –
1. बच्चों के विकास के लिए
आयरन बच्चों के लिए बहुत आवश्यक होता है। आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन एक आवश्यक प्रोटीन है, जो रक्त के माध्यम से सभी कोशिकाओं में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। साथ ही बच्चों को आयरन की आवश्यकता मस्तिष्क विकास से लेकर बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए भी होती है (7)। ऐसे में बढ़ते बच्चों को अंडे का सेवन कराया जा सकता है। अंडे में आयरन होता है, जो उनके विकास में मदद कर सकता है (5)। सिर्फ आयरन ही नहीं, अंडे में प्रोटीन, मिनरल और फोलिक एसिड भी भरपूर होता है, जो बच्चे के विकास में मदद कर सकते हैं (1)।
2. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए जिंक लाभदायक हो सकता है (8)। अंडा जिंक का एक स्रोत है। इसके साथ ही इसमें विटामिन (ए और डी) के साथ आयरन भी मौजूद होता है, जो इम्युनिटी में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं (1) (9) (10) (11)। ऐसे में बच्चे में अंडे का सेवन उन्हें स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है (12)।
3. आंखों के लिए
अंडा खाना बच्चों की आंखों के लिए भी लाभकारी हो सकता है। अंडे में ल्यूटिन और जियाजैंथिन नामक पोषक तत्व मौजूद होते हैं (13)। ये पोषक तत्व आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। साथ ही आंखों की बीमारी के जोखिम से बचाव भी कर सकते हैं (14)।
4. हड्डियों के लिए
अंडा बच्चे की हड्डियों के लिए भी बहुत जरूरी होता है। अंडे में विटामिन डी होता है, जो हड्डियों को मजबूत करने के लिए और रिकेट की बीमारी (हड्डियों के कमजोर हो जाने की समस्या) से बचाव के लिए मदद कर सकता है। 12 महीने तक के बच्चों को प्रतिदिन 400 आईयू और 12 से 24 महीने तक के बच्चों को 600 आईयू विटामिन डी की जरूरत होती है (15)। इस मात्रा की ज्यादा जानकारी के लिए आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं।
5. मस्तिष्क विकास के लिए
अंडे में कोलीन नामक पोषक तत्व मौजूद होता है। यह बच्चों के दिमागी विकास में मददगार साबित हो सकता है (16)। इसके अलावा, जैसा हमने ऊपर बताया कि इसमें मौजूद आयरन भी बच्चों के मस्तिष्क विकास में मदद कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
आगे जानिए शिशुओं के लिए अंडे के जोखिम क्या हो सकते हैं।
शिशुओं के लिए अंडे के जोखिम क्या हैं?
अंडे में साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया हो सकता है, जो बच्चे को बीमार कर सकता है (17)। यह माता-पिता के लिए हम जानकारी के तौर पर बता रहे हैं, ताकि माता-पिता सावधानी के साथ बच्चे को अंडे का सेवन कराएं। नीचे जानिए बच्चों को अंडा खिलाने के जोखिम –
शिशुओं में दस्त
उल्टी
एलर्जी
पेट में दर्द या ऐंठन
बुखार
कैसे समझें कि आपके बच्चे को एलर्जी हुई है।
अंडे की एलर्जी प्रतिक्रिया या संवेदनशीलता के संकेत
लेख के इस भाग में हम अंडे से बच्चे में होने वाले एलर्जी के लक्षणों के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं (18)।
अंडे से होने वाली एलर्जी के सामान्य लक्षण
चेहरे, होंठ और आंखों की सूजन
पेट में दर्द या उल्टी
जीभ या गले की सूजन
पित्ती (बड़ों और बच्चों में स्किन एलर्जी का एक प्रकार)
गंभीर एलर्जी (Anaphylaxis – एनाफिलेक्सिस) के लक्षण –
गला बैठना या बोलने में कठिनाई
बच्चों में खांसी या घरघराहट
चक्कर आना
सांस लेने में तकलीफ
नोट : कई बच्चों में सामान्य एलर्जी होती है, जो अपने आप ठीक हो जाती है। अगर माता-पिता को अपने बच्चे में एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लेख के आगे के भाग में जानिए बच्चों को अंडा खिलाने से जुड़ी जरूरी बातें।
बच्चों को अंडा खिलाना कैसे शुरू करे?
अंडे के फायदे जानने के बाद कई माता-पिता इसे अपने बच्चे को खिलाना चाह रहे होंगे। हालांकि, इसके जोखिम पढ़कर माता-पिता को थोड़ा डर भी हो सकता है। इसलिए, नीचे हम बच्चों को अंडे खिलाने से संबंधित कुछ जरूरी जानकारी दे रहे हैं (3)।
उम्र
आप 6 महीने की उम्र से बच्चे को अंडा देना शुरू कर सकते हैं।
मात्रा और वक्त
अगर मात्रा की बात करें तो शुरूआत में बच्चे को कम मात्रा में दूसरे भोजन (वेजिटेबल प्यूरी) के साथ अंडा देना शुरू कर सकते हैं। बेहतर है कि बच्चे को दिन में अंडे खिलाएं। इससे आप बच्चे पर ध्यान दे सकते हैं कि कहीं उन्हें कोई एलर्जी तो नहीं हो रही। इसके अलावा, इसकी सही मात्रा के लिए डॉक्टर से सलाह लेना भी एक अच्छा विचार होगा।
अब बारी है अपने नन्हें को अंडों की कुछ स्वादिष्ट डिश खिलाने की।
बच्चों के लिए अंडे की रेसिपी | Baby Ko Egg Kaise Khilaye
नीचे पढ़ें बच्चों के लिए अंडे की कुछ आसान और स्वादिष्ट रेसिपी। बच्चे को इन्हें खिलाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह भी जरूर ले लें।
1. उबला अंडा
आप बच्चे को उबला हुआ अंडा दे सकते हैं। ध्यान रहे कि अंडा अच्छे से उबला हुआ हो और उसके छिलके पूरी तरह हटे हों। शुरुआत में बच्चे को आधा या उससे कम अंडा दें। इससे पता चल जाएगा कि बच्चे को कहीं एलर्जी तो नहीं हो रही है।
2. अंडे का ऑमलेट
सामग्री
एक अंडा
स्वादानुसार नमक
जरूरत अनुसार तेल
एक छोटी कटोरी हरी सब्जियां जैसे – प्याज, गाजर, धनिया पत्ता और टमाटर, छोटे टुकड़ों में कटे हुए
बनाने की विधि
एक कटोरी में अंडे को फोड़कर अंदर का भाग डाल दें।
अब इसको अच्छे से फेंट लें।
इसके बाद इसमें हरी सब्जियां और स्वादानुसार नमक डालकर फेंट लें।
अब गैस पर पैन या तवा चढ़ाकर, उसमें जरूरत अनुसार तेल डालकर, तेल गर्म होने दें।
जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें फेंटे हुए अंडे को डालकर तलने दें।
ध्यान रहे अंडा न कच्चा रहे और न ही जले।
जब अंडा पूरी तरह पक जाए तो इसे बच्चे को खिलाएं।
बच्चे को खिलाने से पहले एक बार चेक कर ले कि कहीं अंडा गर्म तो नहीं है।
3. अंडे की भुर्जी
सामग्री
एक अंडा
जरूरत अनुसार तेल
स्वादानुसार नमक
बनाने की विधि
सबसे पहले एक कटोरी में एक अंडे को तोड़कर डाल दें।
अब उसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर अच्छे से फेंट लें।
फिर गैस पर पैन या कढ़ाही चढ़ाकर उसमें जरूरत अनुसार तेल डालें।
जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें फेंटा हुआ अंडा डालकर अच्छे से चलाते रहें।
उसे तब तक चलाएं जब तक वो अच्छे से पककर छोटे-छोटे टुकड़ों में न बदल जाए।
ध्यान रहे कि अंडा जले न और अच्छे से पक जाए।
फिर इसे अपने बच्चे को खिलाएं।
आप चाहें तो इसमें बच्चे की पसंद की अन्य सब्जियां भी मिला सकते हैं।
आशा करते हैं कि इस लेख में दी गई जानकारी के बाद आपको बच्चों के लिए अंडे खिलाने से संबंधित सवालों के जवाब मिल गए होंगे। अंडा एक पौष्टिक आहार है, इसे सही तरीके से सेवन कराने से इसके गुण बच्चे की सेहत में दिख सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि अंडे का सेवन कराने के बाद अगर ऊपर बताए गए कोई भी दुष्प्रभाव बच्चे में दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा होगा। ऐसे ही अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए विजिट करते रहें मॉमजंक्शन की वेबसाइट।
बच्चों को 1 दिन में कितने अंडे खाने चाहिए?