नवजात बच्चे को जन्म घुट्टी, पानी, शहद नहीं देना चाहिए : सोना
8 वर्ष पहले
राजौंद |गांव किठाना के आंगनवाड़ी केंद्र में सर्वोत्तम माता पुरस्कार वितरण कार्यक्रम किया गया। इसमें सर्कल सुपरवाइजर सोना देवी ने प्रतिभागियों को प्रसव के दौरान महत्वपूर्ण सावधानियां, पूर्ण टीकाकरण और बच्चे की देखरेख जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद छह माह तक नवजात बच्चे को मां के दूध के सिवाय अन्य कुछ भी आहार नहीं देना चाहिए। मां का दूध नवजात बच्चे के लिए अमृत सामान होता है और अनेक प्रकार की बीमारियों से नवजात की रक्षा करता है। उन्होंने बताया कि नवजात बच्चे को जन्म घुट्टी, पानी, शहद और अन्य कुछ भी नहीं देना चाहिए। छह माह के बाद ही नवजात को अन्य खुराक देने की शुरुआत की जानी चाहिए। कार्यक्रम में माजरा रोहेड़ा, रोहेड़ा, किठाना गांव की महिलाओं ने हिस्सा लिया। सर्वोत्तम माता प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तर पर आने वाली महिलाओं का चयन कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजकली, पूजा, मुकेश, प्रेमो, सुशीला, मुकेश और गीत माैजूद थीं।
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