घी और रागी- आप 6-7 महीने के बाद बच्चे की डाइट में घी शामिल कर सकते हैं. बच्चे के लिए घी बहुत जरूरी है. घी में कई पोषक तत्व होते हैं. आप बच्चे के दलिया, खिचड़ी, दाल या सूप में घी डालकर खिला सकते हैं. आपको बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए डाइट में रागी जरूर शामिल करनी चाहिए. रागी में कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और दूसरे विटामिनों और खनिज पाए जाते हैं. रागी खाने से बच्चे का वजन बढ़ेगा और हेल्दी भी रहेगा.
शकरकंद- बच्चे को मोटा करने के लिए आप उसे शकरकंद भी खिलाएं. शकरकंद में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी6, कॉपर, फास्फोरस, पोटैशियम और मैंगनीज होता है. शकरकंद खाने और पचाने में आसान होती है. शकरकंद डायट्री फाइबर से भरपूर होती है. आप बच्चे को मैश करके, प्यूरी बनाकर या सूप बनाकर बच्चे को दे सकते हैं.
दालें- बच्चे को हेल्दी बनाने के लिए डाइट में दालें जरूर शामिल करनी चाहिए. दाल में प्रोटीन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और फाइबर होता है. आप 6 महीने से बच्चे को पहले दाल का सूप फिर दाल दे सकते हैं. आप चाहें तो दाल की खिचड़ी और दलिया भी खिला सकते हैं. दाल खाने से बच्चा जल्दी मोटा होने लगता है.
अंडा और एवोकाडो- अंडा खाने से शरीर को प्रोटीन मिलता है. बच्चे को एक साल का होने के बाद आप अंडा खिला सकते हैं. अंडे में सैचुरेटेड फैट, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. आप बच्चे की अंडा चीला या उबालकर खिला सकते हैं. इसके अलावा एवोकाडो भी खिला सकते हैं. एवोकाडो में विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन के और फोलेट, पैंटोथेनिक एसिड, कॉपर और डायट्री फाइबर होता है. इसमें भरपूर फैट पाया जाता है. अंडा और एवोकाडो खिलाने से बच्चे का वजन बढ़ने में मदद मिलती है.
बच्चों को मोटा करने के लिए क्या खिलाना चाहिए?