बच्चों को सेरेलक खिलाने से क्या फायदा होता है?
नन्हें मुन्नों का विकास अच्छी तरह से होता रहे इसके लिए उन्हें 6 महीने के बाद से ठोस आहार देना शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में जिसका नाम सबसे पहले दिमाग में आता है वह है बाजार में मिलने वाला ‘सेरेलक पाउडर।’ मगर ज्यादातर बच्चों को शुरू में सेरेलक देने पर एलर्जी की संभावना देखी जाती है। क्योंकि इसमें मौजूद कई ऐसी चीजें होती हैं जो बच्चे हजम नहीं कर पाते। यही नहीं कई बच्चों में ज्यादा फाइबर मिले होने के कारण कब्ज की समस्या भी देखने को मिलती है। अगर आप चाहें तो घर में ही उपलब्ध चीजों से उनके लिए सेरेलक पाउडर तैयार कर सकती हैं।
घर में बच्चों के लिए कैसे बनाए सेरेलक
सामग्री
1 कप गेहूं
1 कप चना दाल
1 कप भुना चना
1 कप रागी
1 कप बाजरा
1 कप मकई
1 कप ब्राउन राइस
1 कप मुंग दाल
1 कप उरद की दाल
बनाने की विधि-
एक रात पहले सभी सामग्रियों को पानी में भिगो कर रख दीजिए। दूसरे दिन सुबह इन चीजों को पानी से कम से कम 6 बार धोएं। फिर इन सभी चीजों को धूप में सुखाकर एक पैन में हल्का भून लें। फिर इन चीजों को एक मिक्स में पीसकर पाउडर तैयार कर लें। पाउडर तैयार हो जाने के बाद इन्हें किसी एयर टाइट कंटेनर में भर कर रख लें।
बच्चे को ऐसे बना कर खिलाएं सेरेलक
गैस पर एक पैन चढ़ा कर 2 चम्मच सेरेलक डालकर हल्का भून लें। फिर इसमें 1 गिलास पानी डालें और मध्यम आंच पर पकाएं। फिर इसमें चाहे तो चीनी या फिर नमक मिलाएं। आपके बच्चे का सेरेलक तैयार है।
सेरेलक खिलाने के टिप्स
बच्चे को इसे लगातार तीन दिनों तक थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खिलाएं। यदि बच्चे में किसी भी प्रकार के एलर्जी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, तो मात्रा बढ़ाएं। आप बच्चे के अनाज में स्वीटनर के रूप में गुड़ या खजूर का पेस्ट मिला सकती हैं। बच्चा जैसे जैसे बढ़ने लगे, इस मिश्रण में फल मिक्स करना शुरू कर दें।