सेरेलक के फायदे और नुकसान
हेलो दोस्तो सवगत है। हमारे ब्लॉग पर । तो दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं। कि बच्चों को सेरालक खिलाने की फायदे ओर नुकसान के बारे में अगर आप भी अपने बच्चों को सेललिंक खिलाती है। तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है। सेरालक खिलाने के फायदे ओर नुकसान के बारे में ।
तो अगर आप भी अपने बच्चे को सेरालक खिलाते हैं। तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है। कि सेरालक खिलाने के क्या फायदे ओर क्या नुकसान होते हैं। तो आज की इस पोस्ट में में इसी बारे में बात करने वाले है। तो चलिए जानते हैं।
सेरेलक के फायदे और नुकसान
तो सबसे पहले ये आपको बता देता हूं। की 6 महीने तक के बच्चे को माँ के दूध के अलावा किसी अन्य प्रकार के भोजन के अवस्तकता नही होती है। अगर बच्चा माँ की दूध पीता है। तो क्योकि माँ के दूध में सभी तत्व मोहजूद होते हैं।
जो बच्चे के शारीरक ओर मानसिक विकास के लिए जरूरी होता है। तो इस बात में कोई अंशनका नही है। 6 महीने तक के शिशु के लिए इसके अलावा कुछ भी नहीं है। तो एक समय के बाद से बच्चों के विकाश को ध्यान में रखते हुए।
हमे उसे थोश ओर थोश खिलाने अवस्तकता हो जाती है। ऐसे में अधिकतर माँ थोश आहार खिलाने की शुरुवात सेरलेक जैसा का इस्तेमाल करते है। अगर आपके बच्चे की कोई problam नही होता है। सेरालक खिलाने से तो उसे आप आराम से दे सकते हैं।
लेकिन आपको इन चीजो कक ध्यान में रखना है। आप सेरालक किसी अच्छे brand का लाये । ओर ये ध्यान में रखिए आपका शिशु कितने month का है। इसके पीछे यह जानकरी दिए हुई है। कि आपको कब इसको बच्चों को खिलाना चाहिए ।
तो यहाँ पर फेवलेर भी दिए गए है। तो आपके बच्चों को जोभी फेल्वेर पसंद आता है। वो खिलाये वो Try कीजिये । देखिए अगर आपको इससे कोई आपको प्रॉब्लम किसी भी प्रकार की नही होती है। तो उसे आप आराम से ये खिला सकते हैं। तो आज के इस पोस्ट में सबसे पहले सेरालक के फायदे के बारे में बात करेंगे । और फिर बात करेंगे । इसके क्या side effect हो सकता है।
सेरेलक शिशु को खिलाने के क्या फायदे है
हम सभी जानते है। कि जब शिशु के शरीर का विकाश हो रहा होता है। उस वक्त सही विकाश के लिए सिर्फ अस्तानपन या फार्मूला मिल्क पर निर्भर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में कुछ अर्ध - थोश या थोश आहार शामिल करने ही पड़ते हैं। उन्ही में से एक सेरेलक भी है।
भारत में सेरेलक फोर्टिफाइड बेबी सीरियल दूध बिभिजन प्रकार में उपलध है। और आप बच्चे की उम्र तथा पसंद के मुताबिक विभिन स्वादों की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर न्यूट्रोनेशनल प्लान - किस उम्र से सेरेलक शुरू करना है। और कोंन सा फ्लेवर देना है। इत्यादि ।
शिशु को इसका स्वाद बहुत पसंद आता है।
नेस्ले एक जाना - माना ब्रांड है। अतः गुणवत्ता की गरंटी है।
शिशुओं को इसे पचाने में कोई परेशानी नही होती है।
इसको देने के बाद शिशु को बार - बार भूख नही लगती है।
शिशु को इससे आने वाले महक भी काफी पसंद आती है।
सेरेलक खाने के side effect क्या है ?
अगर सेरेलक अच्छे से न घोला जाए । तो गांठे बन जाती है।
कुछ शिशुओं को कब्ज एलर्जी ओर रेलेश जैसे तकलीफों का सामना भी करना पड़ता है।
कुछ के मुताबिक सेरेलक को पहचाना उनके शिशु के लिए आसान नही था ।
कुछ माताओं ने तो यह तक भी कहा है। कि सेरेलक देने के बाद उनके शिशु की शौच से बहुत बुरी दुगर्न्ध आणि शुरू हो गयी है।
सेरेलक देने के शुरुआती दौर में अक्सर बच्चों को पेट का दर्द होने की समस्या आता है। अगर बच्चे को यह खिलाने के बाद पेट मे दर्द हो तो उसके गाढ़ेपन पर विशेष ध्यान दे।
तो दोस्तो ये थे । सेरेलक बच्चे को खिलाने से फायदे ओर नुकसान के बारे में । तो दोस्तो आपने इस पोस्ट के अंदर जाना कि बच्चे को सेरेलक कब खिलाने चाहिए । और कैसे खिलाने चाहिए । ओर इसका क्या नुकसान है।
बच्चों को सेरेलक खिलाने से क्या होता है?