मां बनने के बाद महिलाओं को जो चीज सबसे ज्यादा परेशान करती है, वो है शिशु का रातभर जागना। शिशु के साथ मां को भी जागना पड़ता है जिसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। इस वजह से अक्सर मांओं के मन में ये सवाल आता है कि आखिर उनका शिशु कब पूरी रात सोना शुरू करेगा।
जन्म के बाद लगभग 6 महीने तक शिशु के सोने का पैटर्न अलग हो सकता है। हो सकता है कि उनका स्लीपिंग पैटर्न हर हफ्ते बदलता रहे। कभी वो दिन भर में कुल 17 घंटे सो सकते हैं जिसमें से वो बस एक से दो घंटे की नींद लेकर बीच-बीच में जागते रहते हैं।
बच्चों के रातभर सोने का क्या मतलब है
विशेषज्ञों की मानें तो एक बार में बच्चे और वयस्क 6 से 9 घंटे की नींद लेते हैं लेकिन शिशु को नींद के दौरान बीच-बीच में दूध पीने की जरूरत होती है। उनका पेट बहुत छोटा होता है इसलिए वो एक ही बार में लंबी नींद नहीं ले सकते हैं।
6 महीने का होने के बाद शिशु 6 से 9 घंटे की नींद लेना शुरू करते हैं।
बेबी स्लीप शेड्यूल
शिशु की उम्र पर ही बेबी स्लीप शेड्यूल निर्भर करता है। एक या दो महीने के शिशु रात को नींद के दौरान भूख लगने पर जागते हैं जबकि पांच या 6 महीने का शिशु पूरी रात सो सकता है। इनमें रात को जागना किसी समस्या का संकेत नहीं है।
शिशु की उम्र बढ़ने के साथ उसका स्लीप शेड्यूल भी बदलता रहता है। अगर आप पहली बार पेरेंट्स बने हैं तो आपको समझ लेना चाहिए कि शिशु किस उम्र तक कितनी नींद लेता है।
शिशु की उम्र के अनुसार नींद
नवजात शिशु दिनभर में 19 घंटे सो सकता है। हालांकि, नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार 14 से 17 घंटे की नींद बच्चा लेता है।
इस दौरान बच्चा दो या तीन से चार घंटे के बीच में दूध पीने के लिए जागता और दूध पीकर दोबारा सो जाता है।
एक महीने का होने पर शिशु दिन में 14 घंटे की नींद लेना शुरू कर सकता है और वह रात में एक बार में लगभग चार या पांच घंटे तक लगातार सो सकता है। इसके बाद वो हर दो या तीन घंटे में दूध पीने के लिए उठता है।
3 महीने तक 13 घंटे की नींद :
इस दौरान शिशु रात में आठ घंटे की नींद लेता है। इस उम्र के कुछ बच्चे रातभर सोते हैं और दिन में तीन या चार बार झपकी लेते हैं।
6 महीने तक 121/2 घंंटे की नींद :
इस समय शिशु रात में नौ घंटे की नींद लेता है। इस उम्र के नवजात शिशु रातभर सो सकते हैं और दिन में दो या तीन बार झपकी ले सकते हैं।
9 महीने तक 12 घंटे की नींद :
इसमें शिशु रातभर नौ घंटे तक सोता है और दिन में दो बार झपकी लेता है।
12 महीने तक 12 घंटे की
नींद :
12 महीने का शिशु रात में नौ से 10 घंटे की नींद लेता है और दिन में एक या दो बार झपकी लेता है।
यहां पर इस बात का ध्यान रखें कि आठ या नौं घंटे की नींद लेने का मतलब है कि शिशु इस दौरान एक बार भी नींद से जागा नहीं है। बच्चे कम से कम पांच से 6 महीने का होने के बाद ही एक बार में लंबी नींद लेने लगते हैं।
बासीनेट में बच्चे कब तक सोते हैं?