ब्लड कैंसर होने की कोई उम्र निर्धारित नहीं है, यह किसी भी उम्र में हो सकता है । बल्ड कैंसर होने पर कैंसर की कोशिकाएं यानि सैल्स व्यक्ति के शरीर में खून को बनने नहीं देते इंसान को, जिस वजह से व्यक्ति में खून की कमी होने लगती है । शरीर के खून के साथ कैंसर व्यक्ति की बोन मैरो को भी नुकसान करता है।
क्या होते हैं शुरुआती लक्षण:-
ब्लड कैंसर से प्रभावित रोगी अक्सर थकान और कमजोरी महसूस करता है। इसकी वजह व्यक्ति के खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होना है और इस कारण व्यक्ति में खूनकी कमी हो जाती है। रोगी के पेट में सूजन आ जाती है, जिस वजह से मल त्याग करने में पीड़ा का अहसास होता है, साथ ही साथ भूख भी कम लगती है।
ध्यान रहे कि अगर ब्लड कैंसर शुरु हो गया है तो रोगी के मुंह, गले, चमड़ी और फेफड़ो में कई तरह की समस्याएं आरंभ हो जाती है।यदि बिना वरजिश या दौड़-भाग के बिना वजन में कमी आए तो यह भी ब्लड कैंसर का एक लक्षण है ।
बल्ड कैंसर यदि रोगी के शरीर में घर कर गया है तो रोगी को अक्सर बुखार हो सकता है और बार-बार हो सकता है ।हड्डियों, मांसपेशियों में पीड़ा का अनुभव होना भी ब्लड कैंसर का भी एक शुरुआती लक्षण हैं।
इसके अलावा बल्ड कैंसर के शुरुआती चरण में माइग्रेन पेन की शिकायत भी कईं लोगों में देखी गई है । इसी के साथ अचानक उल्टियां या दस्त लगना, चमड़ी में खुजली, धब्बे की शिकायत और जबड़ों में सूजन और खून का आना भी बल्ड कैंसर के शुरुआती लक्षणों में गिना गया है ।
ब्लड कैंसर का पता कैसे चलता है?