क्सर बच्चे, वयस्क पेट में दर्द से परेशान रहते हैं. महिलाओं को भी कई वजहों से पेट दर्द महीने में कभी ना कभी होता ही है. खासकर, पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को सबसे अधिक पेट दर्द परेशान करता है. ऐसा देखा भी गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक पेट दर्द होता है. पेट दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिसमें कभी हल्का दर्द तो कभी-कभी बहुत तेज दर्द उठता है. हल्का पेट दर्द गैस बनने, ब्लोटिंग, अधिक खाने, डायरिया, पेट में जलन आदि के कारण होता है, जो खुद ठीक हो जाता है या घरेलू उपचार से भी दूर कर सकते हैं. कई बार अचानक तेज पेट दर्द उठता है और लगातार बना रहे, तो हो सकता है कोई मेडिकल कंडीशन हो. महिलाओं में कई बार पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, ओवरी में सिस्ट होने के कारण भी हो सकता है. आइए जानते हैं, महिलाओं में किन-किन कारणों से पेट दर्द हो सकता है.
महिलाओं में पेट दर्द के कारण
अपच के कारण पेट दर्द
ओन्लीमाईहेल्थ में छपी एक खबर के अनुसार, कई बार पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी महसूस होती है और खाते ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है. ये अपच यानी इनडाइजेशन के लक्षण होते हैं. यदि आप अपच की समस्या से परेशान रहती हैं, तो पेट के ऊपरी हिस्से में जलन, बेचैनी या सूजन हो सकता है., भोजन के बाद असहज महसूस कर सकती हैं या फिर खाना खाने के समय जल्दी पेट भर सकता है. आपको मतली हो सकती है. ऐसा फैटी फूड्स के सेवन, स्मोकिंग, एंग्जायटी, अधिक खाने, जल्दी-जल्दी खाने, एल्कोहल, चॉकलेट आदि के सेवन से हो सकता है.
पीरियड्स में होता है पेट दर्द
महिलाओं को हर महीने पेट में दर्द होने का एक मुख्य कारण है पीरियड्स. मासिक धर्म में कई महिलाओं को बहुत अधिक पेट दर्द, पेट में ऐंठन, क्रैम्प होता है. आपको दर्द हो तो पेट को हॉट वॉटर बैग से सेकें. कुछ घरेलू उपायों से भी
ओवरी में सिस्ट बनता है पेट दर्द का कारण
यदि आपको कुछ दिनों से लगातार पेट दर्द हो रहा है, तो हो सकता है ऐसा ओवरी में सिस्ट होने के कारण हो. हालांकि, कई सिस्ट में कोई लक्षण नजर नहीं आता है और खुद ब खुद ठीक हो जाता है. लेकिन, यदि ओवरी में बड़ा सिस्ट हो, तो पेल्किव और पेट में दर्द हो सकता है. सिस्ट होने पर पेट के निचले हिस्से में बहुत तीव्र दर्द होता है. लार्ज ओवेरियन सिस्ट होने पर हमेशा भरा हुआ या भारीपन महसूस हो सकता है. कई बार ओवरी में सिस्ट होने से स्पॉटिंग या ब्लीडिंग भी हो सकती है.
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से होता है पेट दर्द
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की समस्या पुरुषों के मुकाबले अधिक होती है. इसमें पेशाब करते समय जलन, झागदार पेशाब, पेट दर्द, बुखार आदि हो सकता है. जिस बैक्टीरिया के कारण यूटीआई होता है, वह पेट के निचले हिस्से को भी प्रभावित करता है. इससे बहुत अधिक दबाव और दर्द हो सकता है.
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण पेट दर्द
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज महिलाओं के प्रजनन अंगों में होने वाला संक्रमण या सूजन है. यह अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय को प्रभावित कर सकता है. पेल्विक सूजन की बीमारी आमतौर पर तब होती है, जब योनि या गर्भाशय ग्रीवा से यौन संचारित बैक्टीरिया अन्य प्रजनन अंगों में फैल जाता है. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज होने पर आमतौर पर कोई लक्षण जल्दी नजर नहीं आता है. यदि आपको क्रोनिक पेल्विक पेन या गर्भधारण करने में परेशानी हो, तो इस समस्या का पता चल जाता है. बाउल मूवमेंट, पेशाब करने के दौरान पेट दर्द अधिक होता है. यदि आपको लगातार पेल्विक में दर्द हो, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.
अधिक खाने से हो सकता है पेट दर्द
यदि आप एक ही बार में बहुत अधिक खा लेंगी तो पेट दर्द शुरू हो सकता है. हालांकि, अधिक खा लेने से पेट दर्द थोड़ी देर के लिए होता है और यह तीव्र नहीं होता. कई बार खराब सोने की आदतों, कुछ ऐसा खा लेने से जिससे पेट को परेशानी होती है, इससे भी दर्द हो सकता है. उल्टा-सीधा खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम को नुकसान पहुंचता है, जिससे हल्का पेट दर्द हो सकता है.
महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में दर्द क्यों होता है?