1. पानी, शराब और कैफीन का ज्यादा सेवन
महिलाओं को बार-बार पेशाब आने का सबसे पहला और आम कारण डाइयुरेटिक्स (diuretics) का ज्यादा सेवन है। डाइयुरेटिक्स (diuretics) वो पेय पदार्थ होते हैं जो कि शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाते हैं। डाइयुरेटिक्स (diuretics) यानी कि पानी, शराब और कैफिन का सेवन ज्यादा करने से आपको रह-रह कर पेशाब लग सकती है। पर इसमें चिंताजनक बात ये है कि पानी तो तब भी शरीर के लिए फायदेमं है पर शराब, कोल्ड ड्रिंक और कैफिन में तो आर्टिफिशियल स्वीटनर्स ज्यादा होते हैं। ये मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं। तो, कई बार इसका एसिडिक नेचर वाले यानी कि खट्टे स्वाद वाले ड्रिंक भी बार-बार पेशाब आने का कारण बनता है। अगर आप इनमें से किसी का भी नियमित रूप से सेवन करते हैं, तो आपको बार-बार बाथरूम जाना पड़ सकता है। इसलिए इन तमाम चीजों का सेवन करते समय इन बातों का ख्याल रखें।
2. ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB)
ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) यानी आपका मूत्राशय जरूरत से ज्यादा तेजी से काम करता है। इससे आपको बहुत अधिक पेशाब आता है। यह किसी को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि ये समस्या बुजुर्ग महिलाओं में अधिक ज्यादा होती है, जिनकी मांसपेशियां धीमे-धीमे कमजोर हो जाती है । ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) का एक लक्षण ये भी है कि आपको अचानक से पेशाब आए और तुरंत पेशाब करने की जरूरत महसूस हो।
3. यूटीआई इंफेक्शन
महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी यूटीआई इंफेक्शन का सामना करना पड़ सकता है। यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया या कुछ और आपके मूत्र प्रणाली के कुछ हिस्सों को संक्रमित करता है, जिसमें आपका मूत्राशय, मूत्रमार्ग और गुर्दे शामिल हैं। बार-बार पेशाब आने के अलावा, यूटीआई के लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, पेशाब का रंग फीका पड़ना और लगातार ऐसा महसूस होना कि आपको पेशाब करना है, यहां तक कि पेशाब करने के बाद भी ऐसा ही महसूस करना यूटीआई इंफेक्शन के लक्षण है। इस दौरान आप अपनी पीठ या अपने वजाइनल एसिया के आसपास ब्लैडर पर दबाव या बेचैनी भी महसूस कर सकते हैं। साथ ही आपको कई यूटीआई होने पर बुखार भी हो सकता है।
4. पेल्विक फ्लोर का कमजोर हो जाना
आपके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां आपके मूत्राशय सहित आपके मूत्र प्रणाली के कई अंगों को पकड़ कर रखती हैं। लेकिन कई बार उम्र बढ़ने के कारण या ज्यादा प्रेग्नेंसी के कारण महिलाओं का पेल्विक फ्लोर कमजोर होने लगता है। होता ये है कि जब आपकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं तो अंग अपनी जगह से थोड़ा खिसक सकते हैं और अधिक बार पेशाब आने का कारण बन सकते हैं। ये अक्सर वजाइनल डिलीवरी वाली महिलाओं में ज्यादा होता है क्योंकि उनकी मांसपेशियां तनावग्रस्त हो जाती हैं और अपनी ताकत खोना शुरू कर देती हैं, जिससे पेल्विक फ्लोर कमजोर हो जाता है। ऐसे महिलाओं में में भी पेशाब कंट्रोल करने की क्षमता कम होती है और उन्हें बार-बार पेशाब आती है।
5. वैजिनाइटिस
वैजिनाइटिस (Vaginitis) में आपकी वजाइना में सूजन और दर्द होता है। इस सामान्य स्थिति के कई कारण हो सकते हैं। जैसे कि किसी प्रकार के संक्रमण के कारण। इसमें जननांगों में दर्द और बेचैनी महसूस होता है और बार-बार पेशाब करने का मन करता है। साथ ही पेशाब करते समय आपको जलन या खुजली भी महसूस हो सकती है। तो, कुछ महिलाओं में वजाइना से सफेद और गाढ़ा डिस्चार्ज हो सकता है तो, आपके पेशाब से मछली जैसी महक या फिर पीला-पीला झाग भी बन सकता है। ऐसे में डॉक्टर इन लक्षणों को देख कर आपका ट्रीटमेट कर सकते हैं।
6. मूत्राशय की पथरी
गुर्दे की पथरी के समान, मूत्राशय की पथरी तब दिखाई देती है जब आपके मूत्र में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले खनिज आपस में मिलकर छोटे, सख्त गुच्छों का निर्माण करते हैं। हालांकि, ये पुरुषों में ज्यादा होता है, लेकिन कई बार बेहद खराब जीवनशैली के कारण महिलाओं में भी होता है। ऐसे में पथरी के कारण महिलाओं को बार-बार पेशाब करने के जरूरत महसूस होती है। साथ ही इस दौरान कई लक्षण और भी महसूस होते हैं जैसे कि पेशाब करते समय जलन महसूस करना।
7. प्रेग्नेंसी
प्रेग्नेंसी में भी महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान भारी पेट के कारण पेल्विक फ्लोर पर दबाव पड़ता है। जिसके कारण महिलाओं को बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होती है। यह गर्भावस्था का एक नियमित हिस्सा है। इसे लेकर महिलाओं को घबराना चाहिए क्योंकि बच्चे के जन्म के बाद कुछ समय में ही ये चीजे सामान्य होने लगती हैं।
8. एस्ट्रोजन का घटना
एस्ट्रोजन महिलाओं के शरीर में कई बदलावों के लिए जाना जाता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं के पेल्विक एरिया को को सहारा देने और वजाइना को हेल्दी रखने में भी मदद करता है। जी हां, एस्ट्रोजन आपके मूत्राशय को सहारा देने में एक मुख्य भूमिका निभाता है। ऐसे में जब आपके शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा कम होती है, तो भी आपको बार-बार पेशाब हो सकता है। खास कर कि मेनोपॉज के दौरान तो कई बार दवाइयों के कारण या फिर यूं ही हार्मोन डिसबैलेंस के कारण भी। यही एक कारण 40 के बाद महिलाओं की पेशाब कंट्रोल करने की क्षमता खत्म होने लगती है।
9. इंटरस्टिशियल सिस्टिटिस
इंटरस्टिशियल सिस्टिटिसतब होता है जब आपके मूत्राशय में और उसके आसपास की मांसपेशियां घिस जाती हैं। ऐसे में पेट के निचले हिस्से में बार-बार दबाव महसूस होता है और पेशाब करने का मन होता है। कई बार तो ये इतना परेशान करने वाला हो जाता है कि एक बार पेशाब करने के बाद दोबारा पेशाब लगा रहता है। ऐसे में तेज जलन और दर्द भी महसूस होती है, जिसे इलाज से कंट्रोल किया जाता है।
10. डायबिटीज और ज्यादा स्ट्रेस होना
महिलाओं को बार बार पेशाब क्यों आता है?