क्या हैं मिसकैरेज के लक्षण? NHS ने बताया- 8 में से एक गर्भवती महिला के साथ होती है ये समस्या
प्रेग्नेंसी के पहले तीन-चार महीने में भ्रूण के नष्ट होने को मिसकैरेज कहते हैं. मिसकैरेज यानी गर्भपात के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में इसके लिए मां को गलत या जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है.
क्या हैं मिसकैरेज के लक्षण, NHS ने बताया- आठ में से एक महिला होती है इसका शिकार
मिसकैरेज के बारे में कुछ चीजों को समझना बहुत जरूरी
प्रेग्नेंसी के पहले 3-4 महीने में भ्रूण का नष्ट होना है मिसकैरेज
प्रेग्नेंसी के 24 सप्ताह के भीतर गर्भ में पल रहे भ्रूण का नष्ट होना मेडिकल भाषा में मिसकैरेज कहलाता है. यह स्थिति माता-पिता दोनों के लिए किसी सदमे से कम नहीं होती है. मिसकैरेज के बारे में कुछ चीजों को समझना बहुत जरूरी है. जैसे, इसके लक्षण क्या होते हैं? या लोगों में इसकी समस्या क्यों होती है?
प्रेग्नेंसी के पहले तीन-चार महीने में भ्रूण के नष्ट होने को मिसकैरेज कहते हैं. मिसकैरेज यानी गर्भपात के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए मां को गलत या जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. ज्यादातर मामलों में तो मां को मिसकैरेज के कारणों का पता ही नहीं चल पाता है, जो कि इस घटना को और ज्यादा भयावह बना देती है.
आमतौर पर प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में मिसकैरेज अनबॉर्न बेबी (अजन्मा बच्चा) के साथ हुई समस्या का एक परिणाम होता है. नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के मुताबिक, इसके लिए भ्रूण में असामान्य क्रोमोज़ोम्स को जिम्मेदार माना जाता है. दरअसल भ्रूण में कम या बहुत ज्यादा क्रोमोज़ोम्स की वजह से मिसकैरेज होता है. इस कंडीशन में गर्भ पल रहा भ्रूण पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है.
मिसकैरेज क्यों होता है?