पीरियड्स में ब्राउन ब्लड आना कितना सामान्य है? जानें एक्सपर्ट से
पीरियड्स में ब्राउन ब्लड एक से दो दिनों में ठीक हो जाता है पर ब्राउन ब्लड के साथ असामान्य लक्षण चिंता का विषय है, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें
हम अक्सर ये सोचते हैं कि पीरियड्स में केवल लाल खून ही निकलता है पर ऐसा नहीं है कुछ सामान्य या असामान्य कारणों से ब्राउन ब्लड भी डिसचार्ज हो सकता है। पीरियड्स के दौरान ब्राउन ब्लड क्यों निकलता है? अगर सामान्य स्थिति की बात की जाए तो ब्लड का रंग ब्राउन या काला तब होता है जब उसे शरीर से निकलने में समय लगता है और इस दौरान ऑक्सीडाइज होने के कारण खून का रंग बदल जाता है। ऑक्सीडाइज होने का मतलब है जब ब्लड ऑक्सीजन के संपर्क में आता है तो उसका रंग बदल जाता है। या आप ये भी कह सकते हैं कि जो ब्लड फ्रेश नहीं होता उसका रंग बदल जाता है। वैसे तो पीरियड्स के दौरान ब्राउन ब्लड डिसचार्ज होना कॉमन है पर कुछ कंडीशन में ये किसी बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन, पीसीओएस या मेनोपॉज या गर्भावस्था की शुरूआत। इस लेख में हम महिलाओं में ब्राउन ब्लड डिसचार्ज के कारणों पर चर्चा करेंगे।
पीरियड्स के दौरान क्यों निकलता है ब्राउन ब्लड?
पीरियड्स के दौरान ब्राउन ब्लड निकलने के कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं जिनमें आपको घबराने की जरूरत नहीं है-
पीरियड्स के शुरूआत में ब्राउन ब्लड निकलने का कारण: आखिरी पीरियड साइकिल का बचा हुआ ब्लड कुछ बूंद के रूप में निकलता है तो उसका रंग भूरा हो सकता है।
पीरियड्स के अंत में ब्राउन ब्लड निकलने का कारण: यूट्रस में पीरियड्स के दौरान लंबे समय तक ब्लड ठहरने के कारण साइकिल खत्म होने पर ब्राउन ब्लड नजर आ सकता है।
पीरियड्स में हल्की ब्लीडिंग का कारण: अगर पीरियड्स में हल्की ब्लीडिंग होती है तो ब्लड को बॉडी से निकलने में समय लगता है जिसके कारण ब्लड ऑक्सीडाइज हो जाता है (ऑक्सीजन के संपर्क में आता है) जिसके कारण उसका रंग बदलता है।
पीरियड्स में ब्राउन ब्लड के असामान्य लक्षण
वैसे तो पीरियड्स के दौरान एक या दो बार ब्राउन ब्लड निकलना चिंता की बात नहीं हैं पर अगर अन्य लक्षण भी साथ हैं तो डॉक्टर से सलाह लें। चेक करें अगर ब्राउन ब्लड के साथ आपको पीरियड्स के दौरान ये लक्षण नजर आते हैं या नहीं-
बहुत दर्द या असहनीय दर्द होना
पीरियड्स सामान्य दिनों से ज्यादा दिनों के लिए होना
ब्लड क्लॉट या खून के थक्के बनना या मात्रा में होना
एक घंटा में एक से ज्यादा पैड बदलना यानी हैवी ब्लीडिंग के लक्षण
डिसचार्ज या ब्लड में दुर्गंध आना
ब्राउन ब्लड निकलने का कारण कैसे पता लगाएं? (Diagnosis of brown blood discharge)
ब्राउन ब्लड के साथ असामान्य लक्षण नजर आने पर डॉक्टर आपकी उम्र और लक्षण के मुताबिक आपको कुछ टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं जिनमें से कॉमन है अल्ट्रासाउंड जिससे आपके यूट्रस और आसपास के एरिया का परीक्षण हो सके। इसके अलावा बायोप्सी भी की जा सकती है जिससे ये पता चल सके कि कहीं कैंसर के लक्षण तो नहीं है। ऐसा नहीं है कि ब्राउन ब्लड निकलना आम बात है तो आप उसे नजरअंदाज न करें, अगर शंका है तो चिकित्सा मदद लें।
आम दिनों में ब्राउन ब्लड डिसचार्ज के कारण
पीरियड्स के अलावा भी ब्राउन ब्लड निकलने के कुछ कारण हो सकते हैं जैसे-
मेनोपोज (menopause) के दौरान भी आपको ब्राउन ब्लड डिसचार्ज की समस्या हो सकती है।
गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण (early pregnancy) होने पर भी ब्राउन ब्लड निकल सकता है।
प्रेग्नेंसी के बाद भी ब्लड डिसचार्ज हो सकता है जो कि कुछ समय में ठीक हो जाता है।
अगर ब्राउन ब्लड आपके पीरियड्स के बीच में नजर आए तो ये मेडिकल कंडीशन पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का लक्षण हो सकता है।
पीसीओएस तब होता है जब आपकी बॉडी टेस्टोस्टेरोन की मात्रा ज्यादा कर देती है जिसके चलते ओवरीज का साइज बढ़ जाता है और ऐसे लक्षण बन जाते हैं।
पीसीओएस के लक्षण या ये बीमारी होने पर भी ओवरी एग्स बनाना बंद कर देती है। ऐसा होने पर यूट्रस अपनी नॉर्मल लाइनिंग बनाता है पर उसे ब्लड के फॉर्म में बॉडी के बाहर नहीं करता ऐसे में आपको हल्के खून के दाग या ब्राउन ब्लड डिसचार्ज देखने को मिलेगा।
अगर पीरियड्स नहीं चल रहे हैं और फिर भी ब्राउन ब्लड डिसचार्ज हो रहा है तो ये यीस्ट या बैक्टीरियल इंफेक्शन का लक्षण (bacterial infection) भी हो सकता है, इसमें आपको डॉक्टर एंटी-बैक्टीरियल दवाएं दे सकते हैं।
अगर आप बर्थ कंट्रोल पिल लेती हैं तो भी पीरियड्स से पहले ब्राउन ब्लड डिसचार्ज हो सकता है।
पीरियड्स से पहले ब्राउन डिसचार्ज होना यूट्रीन फाइब्रोइड का लक्षण (uterine fibroid) हो सकता है।
ब्राउन डिसचार्ज से बचने और ठीक करने के उपाय
पीरियड्स के दौरान एक या दो तीन ब्राउन ब्लड डिसचार्ज हो तो चिंता न करें वो धीरे-धीरे आना बंद हो जाएगा।
अगर इंफेक्शन के कारण ब्राउन डिसचार्ज हो रहा है तो आपको साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
अगर ब्राउन ब्लड के साथ आपको दर्द या अन्य लक्षण भी हैं तो डॉक्टर को दिखाएं वो आपको लक्षण जांच करके सही दवा दे सकते हैं।
पीरियड्स में एब्नॉर्मल समस्याओं के लिए डॉक्टर आपको बर्थ कंट्रोल पिल भी दे सकते हैं, ये पिल केवल गर्भावस्था में दी जाए ऐसा जरूरी नहीं है। पीरियड्स में गड़बड़ी होने पर भी डॉक्टर की सलाह पर ये दवाएं ली जाती हैं।
ज्यादा मॉइश्चर अपने आसपास जमा न होने दें, इससे इंफेक्शन हो सकता है और ब्राउन ब्लड डिसचार्ज हो सकता है।
अगर अंडरवियर ज्यादा गीली है तो उसे दिन में कई बार बदलने में कोई हर्ज नहीं है, इससे आपको इंफेक्शन नहीं होगा।
अगर पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं हैं तो कुद दिन पर्फ्यूम, सुगंधित चीजों से दूर रहें, इससे वजाइना का पीएच लेवल बिगड़ता है।
ब्राउन ब्लड की असामान्य समस्या होने पर डॉक्टर आपको एंटी-फंगल या एंटी-बैक्टीरियल दवाएं भी दे सकते हैं।
पीरियड्स के दौरान एक या दो दिन ब्राउन ब्लड निकलना नॉर्मल है, खासकर पीरियड्स की शुरूआत या खत्म होने के समय पर अगर आपको ब्राउन ब्लड के अलावा कोई अन्य लक्षण नजर आ रहे हैं तो आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें, इससे आपको पता लग जाएगा कि कोई अन्य बीमारी तो नहीं है।
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