समय से पीरियड न होना महिलाओं की मानसिक परेशानी को बढ़ा सकता है. लेट पीरियड्स का अंदाजा ज्यादातर प्रेग्नेंसी से संबंध रखता है. हर महिला की पीरियड साइकिल डिफरेंट होती है किसी को 25 दिन में तो किसी को 22 दिन में ही पीरियड्स आ जाते हैं. यदि पीरियड्स 30 से 35 दिन तक न आएं तो समझिए ये किसी बीमारी का संकेत है. प्रेग्नेंसी के अलावा यदि पीरियड्स लेट हो जाते हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं.
कई बार दवाईयों के अधिक सेवन से भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं. वहीं हार्मोनल इम्बैलेंस को भी इसका जिम्मेदार माना जा सकता है. चलिए जानते हैं प्रेग्नेंसी के अलावा किन कारणों से लेट हो सकते हैं पीरियड्स.
गर्भनिरोधक टेबलेट का अधिक सेवन
कई महिलाएं गर्भनिरोधक टेबलेट का अधिक सेवन करती हैं जो पीरियड्स को लेट करने का कारण हो सकता है. पेरेंट्स डॉट कॉम के अनुसार गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करने से बॉडी के नेचुरल हार्मोनल साइकिल पर प्रभाव पड़ने लगता है जिस वजह से पीरियड्स लेट हो सकते हैं. 21 दिन तक लगातार गर्भनिरोधक टेबलेट लेने से यूटरस पर इसकी लेयर चढ़ जाती जिस वजह से पीरियड अनियमित हो सकते हैं.
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अधिक स्ट्रेस होना
इमोशनल डिस्ट्रेस ब्रेन से उस क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है जो पिट्यूटरी ग्लैंड को कंट्रोल करता है. ये ओवरीज के हार्मोन्स को कंट्रोल करते हैं. अधिक स्ट्रेस की वजह से हार्मोन्स में बदलाव आने लगते हैं जो पीरियड्स को लेट कर सकते हैं. ये स्थिति स्ट्रेस के लेवल पर डिपेंड करती है.
बॉडी वेट में परिवर्तन
वेट का कम होना या ज्यादा होना पीरियड्स के लेट होने का एक कारण हो सकता है. अचानक वेट कम होने से ओवरीज पर प्रभाव पड़ता है. ऐसा ही प्रभाव वेट के बढ़ने पर भी पड़ता है. दोनों ही स्थितियों में बॉडी के हार्मोन डिसबैलेंस हो जाते हैं जिस वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.
डायबिटीज और थायराइड प्रॉब्लम
कई मामलों में डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों के बढ़ जाने के कारण भी पीरियड्स लेट हो जाते हैं. बॉडी में ब्लड शुगर लेवल के बढ़ जाने पर कई तरह के बदलाव आते हैं जिस वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं. वहीं थायराइड में थायराउड ग्लैंड के बढ़ जाने की वजह से हार्मोंस में बदलाव आता है जो ओवरीज पर प्रभाव डालता है. इससे कई बार उम्र से पहले ही मेनोपॉज हो सकता है.
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