नन्हें शिशु अपनी जरूरतें और तकलीफें बोल के नहीं बता सकते हैं। इस स्थिति में शिशु के कुछ लक्षणों से पता किया जा सकता है कि शिशु को कुछ समस्या है या नहीं। नीचे हम कुछ लक्षणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ताकि आपको पता चल सके कि शिशु की सेहत कैसी है :
अगर आपका शिशु लगातार रो रहा हो या चिड़चिड़ा रहे, तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। हो सकता हो आपके शिशु को कोई शारीरिक तकलीफ हो।
तीन महीने का शिशु चीजों को पकड़ना सीखने लगता है, लेकिन अगर आपके शिशु को कुछ चीजें पकड़ने में असुविधा होती है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
अगर आपका शिशु कोई आवाज सुनकर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा हो या आवाज पर ध्यान नहीं दे रहा हो।
तीसरे महीने में शिशु काफी हद तक अपने सिर को संभालना सीखने लगते हैं, लेकिन अगर दूध पीते वक्त या अन्य गतिविधि के समय शिशु अपने सिर को नियंत्रित नहीं कर पाता है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है।
शिशु अगर परिचित चेहरों को देखकर कोई प्रतिक्रिया न दें या अचानक से आंखों में रोशनी पड़ने पर पलकें न झपकाए।
अगर शिशु दूध न पी रहा हो। इसके अलावा, अगर शिशु दूध पीने के बाद बार-बार उल्टी कर रहा हो।
3 महीने के बच्चे के साथ घर से बाहर निकलते वक्त आप नीचे बताई गई चीजों का ध्यान रखें :
शिशु के दो-तीन जोड़ी एक्स्ट्रा कपड़े
डायपर का पैकेट
मौसम के हिसाब से शिशु के कपड़े लें
जैसा कि आप शिशु को स्तनपान कराती हैं, तो उसके लिए चादर, शॉल या कंबल रख लें।
बेबी वाइप्स और लोशन
हैंड सैनिटाइजर
खुद के लिए पीने का पानी
शिशु के पसंदीदा खिलौने
शिशु बहुत ही कोमल और नाजुक होते हैं। उनके बेहतर विकास के लिए उनकी सही देखभाल होना जरूरी है। आप तीसरे माह के शिशु के साथ जितना वक्त बिताएंगे और खेलेंगे, उनका विकास उतना ही अच्छे से होगा। आशा करते हैं कि इस लेख में बताई गई जानकारी आपके काम आएगी और आप अपने शिशु और उनकी जरूरतों को और अच्छे से जान पाएंगे।
मैं अपने 3 महीने के बच्चे को स्वस्थ कैसे बना सकता हूं?