शिशु को डकार कैसे दिलाएं?
अगर, आपका शिशु आराम से दूध चूस रहा है, तो उसे डकार दिलवाने के लिए बीच में न रोकें। ऐसा करने पर वह शायद रोने लगे, जिससे और अधिक हवा उसके पेट में जाएगी। शिशु जब खुद ही दूध पीते-पीते बीच में रुके, तब आप उसे डकार दिलवा सकती हैं।
बोतल से दूध पीते हुए जब शिशु निप्पल को छोड़ दे या फिर जब आप एक स्तन के बाद दूसरे स्तन से दूध पिलाने लगें, तो आप उसे डकार दिलवा सकती हैं। इसके बाद जब वह पूरा दूध पी चुका हो, तब उसे दोबारा डकार दिलाएं।
शिशु की पीठ को थपथपाना या मलना गैस बाहर निकालने का प्रभावी तरीका है। याद रखें कि ऐसे में डकार के साथ-साथ वह थोड़ा-बहुत दूध भी बाहर निकाल सकता है, इसलिए हमेशा एक रुमाल या कपड़ा अपने पास रखें, ताकि अपने कपड़ों को गंदा होने से बचा सकें।
शिशु को आमतौर पर तीन मुद्राओं में डकार दिलवाई जाती है। आप इन तीनों को ही आजमा कर देखें, हो सकता है एक की बजाय आपके दूसरी मुद्रा ज्यादा बेहतर लगे।
छाती पर लेकर
बैठाकर
आपकी गोद में मुंह नीचे की तरफ करके
इन अवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा वीडियो 'शिशु को किस तरह डकार दिलाई जाए' देखें।
मेरे शिशु को डकार लेने में परेशानी क्यों होती है?
हो सकता है कि आपके शिशु का अपरिपक्व पाचन तंत्र हवा को आगे अंतड़ियों तक जाने देता है, जिससे उसका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
कुछ शिशुओं के लिए हिचकियां लेना ही गैस बाहर निकालने का एकमात्र तरीका होता है।
अगर आपके शिशु ने कुछ मिनट बीत जाने के बाद भी डकार नहीं ली है, तो इसका मतलब शायद यह है कि उसे डकार लेने की जरुरत नहीं है। मगर, यदि शिशु असहज लग रहा हो, तो उसे डकार दिलाने का प्रयास करती रहें।
आपको शायद शिशु की पीठ को अच्छी तरह थपथपाना होगा और अलग-अलग अवस्थाओं में डकार दिलवानी होगी, तब कहीं जाकर वह डकार ले पाएगा।
अधिकांश शिशुओं को थोड़े बड़े होने पर डकार दिलावाने की जरुरत नहीं होती। जैसे-जैसे वे बड़े होते है, उनका इधर-उधर घूमना शुरु हो जाता है। वे हिल-डुलकर अपने लिए आरामदायक अवस्था चुन सकते हैं।
मैं अपने बच्चे को डकार लेना कब बंद कर सकती हूं?