शिशु अब किस तरह की बनावट वाले भोजन खाने चाहिए?
अब समय है कि शिशु के आहार में कीमे की तरह पीसे हुए व बारीक कटे हुए भोजन के टुकड़े शामिल करना शुरु किया जाए। हालांकि, शिशु की दाड़ 18 से 24 महीने की उम्र के बीच आएगी। मगर उसके मसूढ़े इतने कुशल अवश्य होंगे कि वे भोजनकर अच्छे से चबा सकें।
सलाह यही दी जाती है कि शिशु के एक साल का होने पर आप उसे हाथ में भोजन पकड़ने, दांत से काटने, चबाने और निगलने के लिए प्रोत्साहित करें। वरना कुछ बच्चे थोड़ा बड़े होने पर भी प्यूरी किए या मसले हुए भोजन खाना जारी रखते हैं।
आप अपने शिशु को अलग-अलग बनावट वाले विभिन्न खाद्य पदार्थ दे सकती हैं। यहां कुछ स्वस्थ विकल्प दिए गए हैं, जिन्हें आप आजमा सकती हैं, जैसे:
सेब, नाशपती, खरबूजा, तरबूज और आम जैसे फलों की फांके छिलके हटाकर
पकाई हुई सब्जियां जैसे गाजर, गोभी, पालक, लौकी, टिंडा, हरी गोभी और कद्दू/सीताफल
ग्रिल या बेक की गई शकरकंदी और जिमिकंद
इडली और उपमा, जिनमें अलग-अलग सब्जियां मिलाई गई हों
उत्तपम, जिसमें विभिन्न सब्जियां डाली गई हों
सब्जियों के साथ डोसा या अप्पम
दाल या बेसन का चीला
सादा टोस्ट या दही वाला सूजी टोस्ट
दलिया
साबुदाना खिचड़ी
विभिन्न तरह के भरवां परांठे जैसे गोभी, आलू, हरी मेथी पत्ते, मूली, पनीर, बारीक कटा सोया और उबला/कीमा किया हुआ चिकन या मटन
दाल की रोटी, जो आप पकी दाल आटे में मिलाकर बना सकती हैं
मालाईदार मिल्कशेक और सूप
चीज़ या टमाटर की सॉस में बनाया गया पास्ता या मैकरॉनी
चावल के साथ दाल, राजमा या छोले
सब्जी पुलाव या चिकन फ्राइड राइस और दही
सूप के साथ चिकन नगेट्स या बेक किया गया चिकन
चपाती के साथ कीमा
मैं अपने बच्चे को स्वस्थ और मोटा कैसे बना सकता हूं?