जानिए प्रेग्नेंसी में कब शुरू होती है morning sickness
गर्भावस्था के शुरू में गर्भवती का जी अचानक मिचलाने लगता है। चूंकि सुबह उठते ही जी मिचलाने लगता है इसी वजह से इसे मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है।
morning sickness
प्रेग्नेंसी जितनी जटिल प्रक्रिया है उतना ही उतार-चढ़ाव भरा इसका अहसास है। प्रेग्नेंट होने का अहसास आपको खुशियों से भर देता है लेकिन इसी दौरान शरीर में कुछ ऐसे बदलाव शुरू होते हैं जो आपके सब्र का इम्तिहान भी लेते हैं। ऐसी ही समस्या है प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस की।
क्या है मॉर्निंग सिकनेस
गर्भावस्था के शुरू में गर्भवती का जी अचानक मिचलाने लगता है। इसके पीछे हॉर्मोन्स में बदलाव जिम्मेदार हैं। चूंकि सुबह उठते ही जी मिचलाने लगता है इसी वजह से इसे मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है।
कब होती है इसकी शुरुआत
प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस की शुरुआत होती है। आमतौर पर यह पांचवे हफ्ते के बाद देखने में आती है। कुछ को पहली बार पीरियड मिस होते ही यह समस्या होने लगती है।
मॉर्निंग सिकनेस रोकने का उपाय
मॉर्निंग सिकनेस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है हां जी मिचलाने, उल्टी आने या उबकाई को कम किया जा सकता है। या यों कहें कि सही वक्त पर सही कदम उठाकर जी मिचलाना रोका जा सकता है। पर ऐसा हर रोज करना होगा।
इससे मुकाबला करने के लिए इसे समझना जरूरी है। सुबह उठते ही जी मिचलाने की एक बड़ी वजह यह होती है कि आपका पेट खाली होता है। इसलिए उठते ही कोशिश करें कि विटमिन सी वाला कोई फल खा लें, जैसे, संतरा वगैरह। इससे जी मिचलाने पर रोक लगेगी। कोशिश करें कि सुबह नीबू पानी या नारियल पानी का ग्लास पी लें। कभी-कभी आयरन की गोली खाने के बाद भी जबर्दस्त जी मिचलाता है। इसका उपाय यह है कि गोली को एक ग्लास नीबू पानी के साथ लें। विटमिन सी आयरन को शरीर में आसानी से समाने देती है।
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