ज़्यादातर लड़कियों में प्यूबर्टी के दौरान ही मेंस्ट्रुएशन (माहवारी) शुरू हो जाता है, यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें बच्चों में कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं और वो बच्चे से बदलकर एक वयस्क बन जाते हैं।11 वर्ष से 15 वर्ष की उम्र के बीच मेंस्ट्रुएशन होना बिलकुल सामान्य बात है, क्योंकि हर शरीर का काम करने का अपना तरीका होता है।
पीरियड या माहवारी एक सामान्य प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जिसमें आपके यूटेरस के अंदर से रक्त और ऊतक, वजाइना के द्वारा बाहर निकल जाते हैं। यह आमतौर पर महीने में एक बार होता है। लड़कियों के शरीर में पीरियड की शुरुआत होने का मतलब है कि उनका शरीर अपने आप को संभावित गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के लिए तैयार करता है। एस्ट्रोजन, और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हॉर्मोन अंडाशय (ओवरी) से निकलते हैं। ये वो फ़ीमेल सेक्स हॉर्मोन हैं जो यूटेरिन लाइनिंग या एंडोमेट्रियम का बनना शुरू कराते हैं जोकि एक फर्टिलाइज़्ड एग को पोषित करते हैं।
यही हॉर्मोन ऑव्युलेशन के दौरान किसी एक ओवरी में से एग निकालने की प्रक्रिया को भी शुरू करते हैं। यह एग फेलोपियन ट्यूब से होकर गुजरता है और यूटेरिन लाइनिंग से जुड़ जाता है - जोकि फ़र्टिलाइज़ेशन के लिए तैयार है।
यह लाइनिंग बनने, टूटने, और निकलने में करीब 28 दिन लेती है। ज़्यादातर महिलाओं में पीरियड साइकिल 21 से 35 दिनों के बीच में कभी भी होती है।
लड़कियों को डेट क्यों आती है?