देर से बोलना क्यों शुरू करते हैं कुछ बच्चे? ये टिप्स करेंगे आपकी मदद
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बचपन सबसे पहले उन्हें मां-पापा कहकर पुकारे लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि कुछ बच्चे अपनी उम्र में आकर भी बोलना शुरू नहीं करते। ऐसे में उनके माता-पिता को चिंता होने...
देर से बोलना क्यों शुरू करते हैं कुछ बच्चे? ये टिप्स करेंगे आपकी मदद
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बचपन सबसे पहले उन्हें मां-पापा कहकर पुकारे लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि कुछ बच्चे अपनी उम्र में आकर भी बोलना शुरू नहीं करते। ऐसे में उनके माता-पिता को चिंता होने लगती है कि उनका बच्चा आखिर बोल क्यों नहीं पाता और उनके मन में कई सवाल भी आते हैं।
क्यों देर से बोलते हैं बच्चे
जो बच्चे जन्म के बाद देर से रोना आरंभ करते हैं, वे बोलना भी देर से आरंभ करते है अर्थात जो शिशु जन्म के समय खुलकर न रोए या उसे रुलाने के लिए कोई उपचार करना पड़े, तो ऐसे बच्चे अक्सर देर से बोलना सीखते हैं। इसके अतिरिक्त गर्भावस्था के समय मां के जॉन्डिस से ग्रस्त होने अथवा नॉर्मल डिलीवरी के समय बच्चे के मस्तिष्क की बांई ओर चोट लग जाने की वजह से भी बच्चे की सुनने की शक्ति क्षीण हो जाती है। सुनने तथा बोलने का गहरा संबंध है। जो बच्चा ठीक से सुन नहीं पाता वह बोलना भी आरंभ नहीं करता। लगभग छह महीने का बच्चा 17 प्रकार की विभिन्न ध्वनियों को पहचानने की क्षमता रखता है और यही ध्वनियां आगे चलकर विभिन्न भाषाओं का आधार बनती है।
ये उपाय करेंगे मदद
आपके बच्चे द्वारा बनाई जा रही आवाज को आप दोहरा सकते हैं। एक दूसरे की नकल करने का यह खेल आपके बच्चे को बोलने के लिए प्रोत्साहित करेगा। जब वह आपको कॉपी करना शुरू करता है, तो आप उसे नए शब्दों को सिखाने के लिए उपयोग कर सकते हैं। यह आपके बच्चे को तेजी से बात करने में मदद करेगा। अगर आपका बच्चा थोड़ी बहुत बात करने लगा है, तो उसके लिए उस वाक्य को पूरा करें। वह थोड़ा बोलेगा और आप उसके साथ पूरा बोलेंगे। इस तरह से आपका बच्चा धीरे-धीरे बोलना सीख जाएगा। इसके अलावा म्यूजिक आपके बच्चे के दिमाग की कोशिकाओं को उत्तेजित करती है। बच्चे अक्सर गाना सुनकर सिर हिलाते हैं। ऐसे में आप बच्चे के लिए कोई भी गाना गुनगुना सकते हैं।
Gur Ki Kheer Rasiya For Chhath Puja: आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू हो चुका है। छठ के अगले दिन खरना होता है। जिसमे दूध और गुड़ से खास तरह की खीर बनाकर तैयार की जाती है। इस खीर को रसिया कहते हैं। जिसे बनाने के लिए आम की लकड़ी और मिट्टी के चूल्हे का प्रयोग किया जाता है। कई बार महिलाएं ये शिकायत करती हैं कि खरना की ये खीर उनसे स्वादिष्ट नहीं बनती। अगर आपकी भी यही शिकायत है तो आइए जान लेते हैं गुड़ की खीर बनाने का आसान और सही तरीका।
खरना के लिए गुड़ की खीर का प्रसाद बनाने के लिए सामग्री-
-चावल- 500 ग्राम
-गुड़- 150 ग्राम
-दूध- 2 लीटर
खरना का प्रसाद गुड़ की खीर बनाने का तरीका-
खरना की पूजा में चढ़ाने वाले खीर का प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले दूध गर्म करके उसमें लगभग एक गिलास पानी मिला दें। जब तक यह हल्का गर्म होता है तब तक चावल को पानी से अच्छे से धोकर साफ कर लें। अब इस चावल को दूघ में डालकर चावल को धीमी आंच पर अच्छे से पकने दें।
वहीं बीच-बीच में कलछी चलाते हुए चावल को अच्छे से पकाएं। जब चावल अच्छे से पक जाएं तो इसे गैसे या चूल्हे से उतार कर साइड में रख दें। फिर ठंडा होने के बाद इसमें गुड़ को तोड़कर खीर में डाल दें और चम्मच की मदद से अच्छे से मिलाएं। आपका खरना का प्रसाद बनकर तैयार है।
लड़के देर से क्यों बोलते हैं?