लेबर पेन के शुरुआती लक्षण: पहली बार मां बनने वाली महिलाएं लेबर पेन की ऐसे करें पहचान
यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो ऐसे में आपको लेबर पैन से जुड़ी जानकारी होनी जरूरी है. बता दें कि जब महिला पहली बार मां बनती है उनमें लेबर पेन के लक्षण कुछ इस प्रकार होते
अक्सर महिलाओं को प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने से ही लेबर पेन की चिंता सताने लगती है. उन्हें लगता है कि वह स्थिति कौन सी होगी जब उन्हें सबसे ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में महिलाओं को बता दें कि पहली बार मां बनने के दौरान लेबर पेन के कुछ लक्षण नजर आते हैं, जिनके बारे में महिलाओं को पता होना जरूरी है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पहली बार मां बनने के दौरान लेबर पेन के क्या क्या लक्षण नजर आ सकते हैं. पढ़ते हैं आगे…
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लेबर पेन के लक्षण
जब महिलाओं को लेबर पेन उठता है तो लक्षणों में के रूप में उन्हें गर्भाशय के ऊपरी हिस्से में संकुचन महसूस होती है और ये नीचे की ओर बढ़ती है. ध्यान दें अगर दर्द के दौरान पोजीशन बदलने के बाद भी दर्द महसूस हो और बढ़ता ही चला जाए तो इसका मतलब यह लेबर पेन के लक्षण हैं.
लेबर पेन के दौरान महिलाओं को वेजाइना से गाढ़ा पदार्थ निकलना शुरू हो जाता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्भाशय कि खुलने के कारण गर्भाशय में बैक्टीरिया आदि को रोकने के लिए एक मोटी झिल्ली होती है वह फटने लगती है तब यह डिस्चार्ज होना शुरू हो जाता है.
जब झिल्ली फटती है तो महिलाओं को पानी जैसा निकलना भी महसूस होता है. इसके अलावा रक्त कोशिकाओं के टूटने के कारण डिस्चार्ज के साथ-साथ खून भी आना शुरू हो जाता है. यही कारण होता है कि इस दौरान महिलाओं को सूती कपड़ा या तौलिये से लपेटा जाता है.
नोट – अगर महिलाओं को ये लक्षण नजर आएं तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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