नवजात बच्चों द्वारा नींद में मुस्कुराना बहुत ही आम बात है. कुछ स्टडीज के मुताबिक कहा जाता है कि बच्चे की मुस्कान खुशी जैसी किसी अच्छी भावना का प्रतीक होती है, जबकि स्टडीज के मुताबिक कहा जाता है कि ये मुस्कान किसी वास्तविक एक्सप्रेशन के बजाय सिर्फ एक रिफ्लेक्स होता है.
नींद में क्यों मुस्कुराते हैं बच्चे
नवजात शिशु किसी बाहरी स्टिमुलेशन के कारण नहीं मुस्कुराते हैं, वे किसी विशेष दिमागी मूवमेंट की वजह से नींद में हंसते हैं. रैपिड आई मूवमेंट (आरईएम) की वजह से सपने देखते हैं और अपने सपने की प्रतिकिया में बच्चे मुस्कुराते हैं.
इंसानों में दो तरह की स्लीप साइकिल होती है – एक REM यानी रैपिड आई मूवमेंट और दूसरी NREM यानी नॉन रैपिड आई मूवमेंट. बॉडी हर रात इन स्टेज से गुजरती है, जिससे आपको धीरे-धीरे नींद का अनुभव होने लगता है.
NREM स्टेज नींद की पहली स्टेज होती है जिसमें बॉडी रिलेक्स करने लगती है.आपकी सांसे धीरे होती जाती है और धीरे धीरे इंसान नींद में चला जाता है
दूसरी स्टेज में सांसे, पल्स रेट और आपकी मसल्स रिलेक्स होती है. साथ ही आपके दिमाग में गतिविधियां और ब्रेन वेव्स भी कम होने लगती हैं.
इसके बाद REM स्टेज शुरू होती है. जो सोने के लगभग एक से आधे घंटे के बाद होती है. तभी जाकर आप सपने देखना शुरू करते हैं. इस अवस्था में पलकों का हिलना-डुलना शुरू हो जाता है, दिमाग और दिल की धड़कन बढ़ जाती है, लेकिन इस समय आपके हाथ पैर नहीं हिलते हैं.
शिशु सोते समय क्यों हंसते हैं?