प्रेगनेंसी के सातवें महीने में आपका वजन काफी बढ़ता है जिसके कारण आपके पीठ में दर्द की समस्या सामने आ सकती है। इस दौरान संतुलित आहार लेने की कोशिश करें और उन सभी पदार्थों से परहेज करने जो मोटापा का कारण बन सकते हैं।
देर तक न खड़ी हों: प्रेग्नेंसी के सातवें महीने के बीत जाने के बाद शिशु काफी बड़ा हो जाता है। ऐसे में मां के गर्भ में मौजूद बच्चे की वजह से पेट के निचले हिस्से पर ज्यादा दबाव बनता है जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ के लिए ठीक नहीं। जहां एक तरफ दबाव मां के पेट पर पड़ता है वहीं दूसरी तरफ शिशु के सिर पर भी इसका दबाव बढ़ता है। वहीं ज्यादा देर खड़े रहने से आपकी पीठ में दर्द भी हो सकता है। ऐसे में अगर हो सके तो बेड़ रेस्ट लेने की कोशिश करें।
ज्यादा नहीं झुके: बेबी बंप के साथ झुकने पर संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे आप गिर सकती हैं जिससे पेट में चोट लग सकती है और प्लेसेंटल अब्रप्शन के साथ-साथ ब्लीडिंग और मिसकैरेज तक हो सकता है। इसके साथ ही इन दिनों आगे की तरफ झुकने पर सिर की तरफ रक्त प्रवाह बढ़ जाता है जिससे चक्कर आने जैसा महसूस हो सकता है। गर्भावस्था के 7वें महीने में बेबी बंप ठीक- ठाक साइज का होता है इसलिए झुकने पर पेट में बहुत दबाव पड़ता है और इसकी वजह से एसिड रिफलैक्स हो सकता है जो कि सीने में जलन का रूप ले लेता है।
सातवें महीने में गर्भवती महिला को क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए?