समान्यतः इसकी मोटाई 0.5 सेमी से 1.5 सेमी तक हो सकती है. मासिक धर्म (महवारी) के दौरान इसकी मोटाई न्यूनतम रहती है.
प्रो सचान ने बताया कि रिसर्च में परिणाम निकला कि 11 से 15 मिमी तक एंडोमेट्रियम की थिकनेस में महिलाओं को किसी तरह की हिस्टोपैथोलॉजी नहीं होती है। उन्हें कैंसर का खतरा नहीं रहता है। 16 मिमी से ज्यादा थिकनेस होने पर आगे चलकर महिलाएं यूटेराइन कैंसर की आशंका हो सकती है।
सामान्य गर्भाशय की मोटाई कितनी होती है?