डिलीवरी के बाद क्यों जरूरी है पोषण
नॉर्मल हो या सी सेक्शन डिलीवरी, दोनों ही स्थितियों में जल्दी रिकवरी और एनर्जी के लिए पोषण की जरूरत होती है। स्तनपान करवाने वाली नई मांओं को रोजाना 450 से 500K कैलोरी की जरूरत होती है। इन्हें विटामिन और खनिज पदार्थ भी चाहिए होते हैं।
वहीं जिन महिलाओं को जुड़वां बच्चे हुए हैं या जो अंडरवेट हैं, उन्हें अधिक मात्रा में पोषक तत्वों की जरूरत होती है। मां और बच्चे दोनों के लिए ही पोषण तत्वों की आपूर्ति होना आवश्यक है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाएं?
डेयरी उत्पाद : दूध, पनीर और चीज प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी एवं डी का बेहतरीन स्रोत होते हैं। अगर आपको लैक्टोज इंटोलरेंस है तो आप दही से ये सब पा सकती हैं।
ओटस :डिलीवरी के बाद कब्ज की परेशानी होना आम बात है। वहीं ऑपरेशन के बाद कब्ज के कारण टांकों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में फाइबर से भरपूर ओट्स आपको कब्ज से बचा सकते हैं। इनमें आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होता है।
रागी : इसमें उच्च मात्रा में आयरन और कैल्शियम होता है। दक्षिण भारत में ठोस आहार शुरू करने पर बच्चों को रागी ही खिलाई जाती है। जिन महिलाओं को लैक्टोज इंटोलरेंस है, उन्हें रागी से पर्याप्त कैल्शियम मिल सकता है।
हल्दी : इस जड़ी-बूटी में एंटी इंफलामेट्री गुण होते हैं और इसी वजह से हल्दी आयुर्वेदिक और चीनी दवाओं में इस्तेमाल की जाती है। हल्दी बाहरी और आंतरिक घावों को जल्दी भरने में मदद करती है।
अजवाइन : अजवाइन का पानी डिलीवरी के बाद महिलाओं को गैस्ट्राइटिस, कब्ज, पेट दर्द, अपच और पेट में भारीपन से बचाता है। यह गर्भाशय को भी साफ करता है तो डिलीवरी के बाद होने वाले दर्द को कम करता है।
मेथीदाना : यह कैल्शियम, आयरन, मिनरल्स और विटामिनों से युक्त होता है। इससे जोड़ों में दर्द और कमर दर्द से राहत मिलती है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद कौन सा Sabji खाना चाहिए?