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सिजेरियन डिलीवरी में क्या होता है?

Language: Hindi | Published: 17 Oct 2022 | Views: 24
सिजेरियन डिलीवरी में क्या होता है?
सिजेरियन सेक्शन या सी-सेक्शन गर्भस्थ शिशु को योनि की बजाय पेट के जरिये जन्म दिलाने की चिकित्सकीय प्रक्रिया है।

सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर आपके पेट और गर्भाशय पर चीरा लगाती हैं, ताकि शिशु का जन्म हो सके। यदि जन्म के दौरान कोई जटिलता हो तो यह डिलीवरी का सबसे शीघ्र तरीका है।

अधिकांश सिजेरियन ऑपरेशन स्पाइनल या एपिड्यूरल एनेस्थीसिया देकर किए जाते हैं, ताकि आपको दर्द महसूस न हो। पूरी प्रक्रिया के दौरान आप जगी होंगी और आपको पता होगा कि आसपास क्या हो रहा है।

हालांकि, कुछ मामलों में जनरल एनेस्थीसिया देने की जरुरत हो सकती है। आपकी और शिशु की सेहत को देखते हुए डॉक्टर यह निर्णय लेंगी कि आपको किस तरह के एनेस्थीसिया की जरुरत है।

सी-सेक्शन पेट का एक बड़ा ऑपरेशन होता है और इसमें कुछ जोखिम भी होते हैं। आमतौर पर यह तभी किया जाता है जब यह आपके और गर्भस्थ शिशु के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प हो।
कैसे पता चलेगा कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन?
आपकी डिलीवरी नॉर्मल होगी या फिर सिजेरियन, यह आपकी ​व्यक्तिगत स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ही तय कर सकती हैं। अगर आपकी पूरी गर्भावस्था बिना किसी समस्या के एकदम सामान्य रही है, तो संभावना है कि आपकी नॉर्मल डिलीवरी ही होगी। वहीं, अगर आपकी प्रेगनेंसी में जटिलताएं रही हैं या फिर यह उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था है, तो फिर शायद आपके और शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सिजेरियन डिलीवरी ही की जाएगी।

कई बार प्रसव के दौरान कुछ अप्रत्याशित जटिलताएं सामने आ जाती हैं, जिनकी वजह से आपातकालीन (इमरजेंसी) सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ता है। वहीं, कुछ मामलों में गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा के डर से या मुहुर्त डिलीवरी के लिए पूर्व नियोजित या ऐच्छिक (इलेक्टिव) सिजेरियन डिलीवरी का विकल्प चुनती हैं।
इमरजेंसी और पूर्व-नियोजित सिजेरियन डिलीवरी में क्या अंतर होता है?
कुछ मामलों में सिजेरियन ऑपरेशन की तिथि पहले से तय कर दी जाती है। वहीं कुछ अन्य मामलों में ऑपरेशन की जरुरत अप्रत्याशित कारणों की वजह से पड़ती है।

यदि आपको पहले से पता हो कि आपका सिजेरियन ऑपरेशन होने वाला है, तो इसे 'ऐच्छिक' या 'पूर्व-नियोजित' सिजेरियन कहा जाता है।

ऐच्छिक सिजेरियन आमतौर पर गर्भावस्था के पूर्ण अवधि पर पहुंच जाने और प्रसव शुरु होने के ठीक पहले किया जाता है। यह सामान्यत: 37 से 39 सप्ताह की गर्भावस्था के बीच होता है।

यदि आपको पहले से पता नहीं था और अचानक से स्थिति को देखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया जाता है, तो इसे गैर-नियोजित या इमरजेंसी सिजेरियन कहा जाता है।

अधिकांश इमरजेंसी सिजेरियन तभी किए जाते हैं जब प्रसव शुरु हो चुका होता है। यदि आप या गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा हो या फिर कोई अन्य जटिलता हो तो इमरजेंसी सी-सेक्शन किया जाता है।

कभी-कभार यदि अचानक से जटिलताएं उत्पन्न हो जाएं तो आपातकाल सीजेरियन ऑपरेशन गर्भावस्था के अंतिम चरण में (28 सप्ताह के बाद) भी करना पड़ सकता है।
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